इंदौर: मास्टर प्लान की महत्वपूर्ण सड़क को लेकर शासन की उदासीनता से एमआर 12 सड़क का काम अटका पड़ा है. पिछले नौ महीने में सड़क का अलॉयमेंट बदलने की मंजूरी नहीं दी गई है. उक्त सड़क में रेलवे ओवर ब्रिज के पास 90 डिग्री और एक सेंशन कॉलोनी की जामिंका थोड़ा सा भाग बाधक बन रहा है.आईडीए मास्टर प्लान की एमआर 12 सड़क निर्माण कर रहा है. उक्त सड़क पर रेलवे ओवर ब्रिज के उतार पर 90 डिग्री का मोड बन रहा है. इसको लेकर आईडीए के अधिकारियों ने सूझबुझ से सड़क बनने से पहले ही पकड़ लिया और 90 डिग्री के मोड को खत्म करने के लिए सड़क निर्माण में चेंज किया है.
उक्त सड़क का अलॉयमेंट बदलने के लिए नक्शा और पत्र भोपाल भेजा था, लेकिन नौ माह बीतने के बाद भी आज तक मास्टर प्लान की महत्वपूर्ण सड़क का 1 किलोमीटर का हिस्सा अटका हुआ है. ध्यान रहे कि आईडीए मास्टर प्लान की 60 मीटर चौड़ी सड़क एमआर 12 का निर्माण कर रहा है. उक्त सड़क में रेलवे ओवर ब्रिज के पास और सेटेलाइट जंक्शन कॉलोनी का गेट और 8 से 10 मकान बाधक है. आईडीए ने उक्त दोनों बिंदुओं पर नए सिरे से सड़क का अलॉयमेंट बदलने की मंजूरी के लिए टीएनसीपी को भेजा था. टीएनसीपी ने भी उक्त विषय में अपना कवरिंग पत्र लगाकर भोपाल भेज दिया है.
सड़क पड़ी है अधूरी
ऐसा बताया जा रहा है कि भोपाल में एसीएस संजय दुबे के यहां मंजूरी अटकी हुई है. टीएनसीपी ने भी नए अलॉयमेंट को मंजूरी देकर भोपाल पत्र सहित अनुमति देने का कहा है. इसके बावजूद शासन द्वारा इस मामले में उदासीन रवैया अपनाया जा रहा है. शासन के उदासीन रवैये से सिंहस्थ के लिए निर्मित हो रही 83 करोड़ की लागत से बन रही सड़क अधूरी पड़ी है. उक्त सड़क पर पीडब्ल्यूडी तीन लेन का रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण कर रहा है, जो पूर्व में आईडीए द्वारा 6 लेन ब्रिज बनाया जा रहा था.
