
बैतूल।कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में परासिया से गिरफ्तार किए गए डॉ. प्रवीण सोनी के समर्थन में अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) खुलकर सामने आया है।
सोमवार को आईएमए के पदाधिकारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपते हुए डॉक्टर की गिरफ्तारी को गलत बताया और मामले में सरकार से पुनर्विचार की मांग की।
आईएमए के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी दवा की गुणवत्ता या जांच करना डॉक्टर का काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि यदि दवा के सेवन से किसी मरीज की मौत होती है, तो उसका दायित्व डॉक्टर पर नहीं डाला जाना चाहिए, क्योंकि दवा का निर्माण, परीक्षण और अनुमोदन सरकार व दवा कंपनियों की जिम्मेदारी होती है।
डॉक्टरों ने बताया कि छोटे बच्चों को खांसी-जुकाम के दौरान कफ सिरप देना आम प्रथा है, क्योंकि बच्चे गोली के रूप में दवा नहीं ले पाते। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सीय आवश्यकता होती है, न कि लापरवाही।
शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, अब जब तक शासन की ओर से स्पष्ट गाइडलाइंस जारी नहीं की जातीं, तब तक डॉक्टरों में भय और असमंजस का माहौल बना रहेगा।
आईएमए ने ज्ञापन के माध्यम से शासन से अनुरोध किया है कि डॉ. प्रवीण सोनी के खिलाफ दर्ज मामले पर पुनर्विचार किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से डॉक्टरों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा को लेकर ठोस नीति बनाई जाए।
