ग्वालियर: करवा चौथ के त्योहार से पहले ग्वालियर के बाजारों में इन दिनों डिजाइनर करवों की धूम मची हुई है। परंपरागत मिट्टी के करवों को अब नया रूप और रंग देने का काम ग्वालियर के कारीगर बखूबी कर रहे हैं। यही वजह है कि इन आकर्षक करवों की मांग अब सिर्फ ग्वालियर तक सीमित नहीं रही, बल्कि भिंड, मुरैना, डबरा और दतिया जैसे आसपास के जिलों तक फैल गई है। ग्वालियर के शिल्पी दिन रात मेहनत करके करवे तैयार कर रहे हैं।
करवों में रंग-बिरंगे मिरर वर्क, मोतियों की कारीगरी, स्टोन जड़ाई और गोल्डन पेंटिंग जैसे आधुनिक प्रयोग कर रही हैं। इनके द्वारा बनाए गए यह करवे न केवल सुंदर दिखते हैं बल्कि हल्के और टिकाऊ भी हैं। इसके अलावा शहर के हजीरा, मुरार, तानसेन नगर और ठाठीपुर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में परिवार करवे तैयार कर रहे हैं। मिट्टी शिल्पियों द्वारा करीब 18 हजार से ज्यादा डिजाइनर करवे तैयार किए हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन ऑर्डर भी मिल रहे हैं और मुरैना, दतिया, डबरा व भिंड के व्यापारियों ने पहले से ही एडवांस बुकिंग कर रखी है। इससे इस बार की बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद है।
