धमोरा स्कूल प्रधान की हत्या का मामला: नाबालिग आरोपी पर वयस्क की तरह होगा विचार

छतरपुर। थाना ओरछा रोड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धमोरा में हायर सेकेंड्री स्कूल के प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार सक्सेना की हत्या के मामले में आरोपी नाबालिग के खिलाफ अब वयस्क की तरह विचारण किया जाएगा। यह निर्णय पॉक्सो/बालक न्यायालय में लिया गया।

जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2024 में विधि विरुद्ध किशोर द्वारा स्कूल में प्रवेश कर प्रधानाध्यापक पर गोली चलाकर हत्या कर दी गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर थाना ओरछा रोड पुलिस टीम, डॉग स्क्वायड, साइबर टीम और एफएसएल टीम तत्काल मौके पर पहुँची और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन भी घटनास्थल पर पहुँचकर निरीक्षण एवं अपराध अनुसंधान की मॉनिटरिंग कर रहे थे। आरोपी को शीघ्र ही अभिरक्षा में लिया गया था।

प्रारंभ में आरोपी नाबालिग होने के कारण मामला बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। बाल न्यायालय द्वारा परीक्षण उपरांत यह तय किया गया कि आरोपी घटना के समय अपराध की गंभीरता और परिणाम को समझने में सक्षम था। इसी आधार पर न्यायालय ने आरोपी के मामले को पॉक्सो/बालक न्यायालय में स्थानांतरित कर वयस्क की तरह विचारण करने का आदेश दिया।

इस निर्णय में दिल्ली में घटित निर्भया प्रकरण के बाद हुए विधिक संशोधनों को आधार बनाया गया है। मामले की अभियोजन अधिकारी जिला अभियोजन अधिकारी श्री प्रवेश अहिरवार हैं, जबकि अनुसंधानकर्ता अधिकारी के रूप में थाना प्रभारी ओरछा रोड उप निरीक्षक दीपक यादव कार्यरत हैं।

इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि गंभीर अपराधों में कानून की कार्यवाही में नाबालिग होने का कोई ढील नहीं दी जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

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