क्विटो, 30 सितंबर (वार्ता) इक्वाडोर के इम्बाबुरा प्रांत में सप्ताहांत में हुयी हिंसक घटनाओं की सरकार ने जोरदार निंदा करते हुये सोमवार को कहा कि विरोध प्रदर्शनों के रूप में की गई ये गतिविधियां शांतिपूर्ण नहीं हैं।
गौरतलब है कि उन हिंसक घटनाओं में एक नागरिक की मौत हो गयी थी और 12 सैनिक घायल हो गये ।
इन झड़पों में 17 अन्य सैनिक लापता हैं।
राष्ट्रपति की प्रवक्ता कैरोलिना जारामिलो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने उत्तरी हाइलैंड समुदायों के लिए खाद्य आपूर्ति ले जा रहे एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया।
उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के रूप में की गई ये गतिविधियां शांतिपूर्ण नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि आतंकवादियों के समूह विरोध प्रदर्शनों में घुसपैठ कर चुके हैं जिनका उद्देश्य नागरिकों के बीच अंशाति उत्पन्न करना है।
यह विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब सरकार ने 12 सितंबर को डीज़ल सब्सिडी समाप्त करने की घोषणा की। इससे डीज़ल की कीमतें बढ़ गयी, जिसका कड़ा विरोध परिवहन संघों, आदिवासी समुदायों और मज़दूरों ने किया। इसे देखते हुये 16 सितंबर को सात प्रांतों में 60 दिनों के लिए आपातकाल की घोषणा की गयी थी।
सुश्री जारामिलो ने कहा कि इस मामले की उचित जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अब विरोध प्रदर्शन नहीं है। ये ऐसे अपराध हैं जो जीवन को खतरे में डालते हैं और समुदायों को तोड़ते हैं।
