जबलपुर: षडयंत्र रचते हुए जिंदा व्यक्ति को मुर्दा बताकर किसी और को वारिस बताकर राजस्व रिकार्ड में नाम दर्ज करवाते हुए फर्जीवाड़ा कर भूमि को बेचने का मामला उजागर हुआ। जिसके बाद संजीवनी नगर पुलिस ने फर्जीवाड़ा करने वाले विक्रेता, क्रेता, गवाहों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।पुलिस के मुताबिक राजकुमार जैन निवासी मेन रोड गोटेगांव नरसिंहपुर ने लिखित शिकायत कराई।
जांच करने पर पाया गया कि विनोद केवट, प्रमोद केवट मनोज केवट की मां माया बाई केवट व सावित्री केवट के साथ मिलकर गोपाल केवट ने षडयंत्र करते हुए शिकायत कर्ता जीवित राजकुमार जैन को मृत बताकर उनके हम उम्र लगभग 60-62 वर्ष की माया व सावित्री केवट को जीवित राजकुमार जैन का बारसान बताते हुए राजस्व विभाग हल्का पटवारी से मिलकर फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर खसरा नं0 54 में माया बाई व सावित्री बाई का नाम दर्ज कराया गया ।
माया बाई की मृत्यु होने पर उनके बारसान पुत्र विनोद केवट, प्रमोद केवट, मनोज केवट यह जानते हुए कि वह जमीन उनकी नही है और जमीन का मूल हकदार राजकुमार जीवित व काबिजदार है, षडयंत्र करते हुए फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फौती रिपोर्ट दर्ज कराकर तात्कालीन हल्का पटवारी से मिलकर अपना नामांतरंण करते हुए अपना नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज कराये। उक्त राजस्व अभिलेखों का उपयोग करते हुए षडयंत्र पूर्वक विनोद केवट प्रमोद केवट मनोज केवट सावित्री बाई गोपाल केवट ने सुरेन्द्र सिंह राठौर, संतोष कुशवाहा व अन्य के साथ मिलकर षडयंत्र करते हुए बिना स्वामित्व भूमि का विक्रय शकुंतला राठौर पति सुरेन्द्र सिंह राठौर को कम दामों में विक्रय की गई है जबकि भूमि का बाजार मूल्य 2 करोड रूपये है।
इन पर दर्ज हुई एफआईआर
शिकायत की जांच में आए साक्ष्य के आधार पर स्व माया केवट, सावित्री केवट, गोपाल केवट, विनोद केवट, मनोज केवट, प्रमोद केवट, शकुंतला राठौर, सुरेन्द्र सिंह राठौर, संतोष कुशवाहा, रीता केवट, मुकेश पाण्डेय के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
