
मंत्री गोविंद राजपूत के निर्वाचन को चुनौती देने का मामला
जबलपुर। प्रदेश सरकार में मंत्री गोविंद राजपूत के द्वारा अपने नामांकन ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की तरफ से दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को निर्धारित की है।
सागर निवासी किसान राज कुमार सिंह की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि प्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये थे। जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है और उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिये। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के समक्ष साक्ष्यों के साथ याचिका प्रस्तुत की थी।
चुनाव आयोग के द्वारा उसकी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी। जिसके कारण उक्त याचिका दायर की गयी है। याचिका में राहत चाही गयी थी कि शिकायत पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश चुनाव आयोग को जारी किये जाये। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने 8 सितम्बर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका के साथ प्रस्तुत हलफनामा एक दिन पूर्व 7 सितम्बर को है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देशित किया है कि वह सही तारीख के साथ हलफनामा प्रस्तुत करे ।
