
छिंदवाड़ा। जिला अस्पताल का गायनिकी वार्ड में गर्भवती महिलाओं के इलाज को लेकर हमेशा सुर्खियां बटोरते रहता है। बुधवार को भी इलाज में लापरवाही को लेकर खूब सुर्खियां बटोरी। शिकायत के बाद सिविल सर्जन ने इस मामले में स्टाफ नर्स श्रीमती मंजू बारी को नोटिस दिया है। जिसके बाद वार्ड में जाकर गर्भवती महिलाओं का इलाज किया गया। उन्हें इजेक्शन और अन्य दवाइयां दी गई।
जानकारी अनुसार मारोति पति राकेश चांदवंशी उम्र ३० साल अमरवाड़ा के लछुआ की रहने वाली है। उसे प्रसव के लिए सोमवार की रात में भर्ती किया गया था। मंगलवार की रात उक्त गर्भवती महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उक्त गर्भवती महिला को सामान्य वार्ड में प्रथम तल पर भर्ती कर दिया। प्रसव के बाद उक्त महिला का डब्ल्युबीसी १८ हजार से अधिक था। ऐसी स्थिति में उसे एंटीबायटिक इंजेक्शन लगना थे, जो अति आवश्यक थे। इसके बाद भी नर्सों ने उसे इंजेक्शन लगाना जरूरी नहीं समझा। इस तरह तीन दिनों तक उक्त गर्भवती बगैर इलाज के भर्ती रही। जब इस मामले में शिकवा शिकायत की गई, सिविल सर्जन ने नोटिस जारी किया। तब कहीं जाकर इलाज शुरू किया गया। इसी तरह पूरे वार्ड के जच्चा बच्चा के यहीं हाल थे। सिविल सर्जन श्री गुन्नाड़े ने तत्काल उक्त प्रकरण की जांच कर, ईलाज संबंधी समस्त फाइल सहित लिखित व मौखिक जानकारी प्रस्तुत करने निर्देश दिए है।
आया से काम करवाती है नर्से
गायनिकी वार्ड में नर्स स्टाफ कमरे में बैठा रहता है। गर्भवती महिलाओं का भगवान भरोसे इलाज हो रहा है। उनके पास जाने में उन्हें त्रास आता है। नर्से किसी भी तरह के इलाज के लिए आया को समझाकर भेंज देती है। इस तरह गर्भवती महिलाओं का इलाज किया जा है।
