
नीमच। शुक्रवार दोपहर नीमच जिला अस्पताल में एक दिल दहला देने वाले हादसे का गवाह बना, जब इलाज की आस में अस्पताल आया एक मरीज खुद अस्पताल परिसर में हादसे का शिकार हो गया।
रामपुरा निवासी राजू पिता हीरालाल, जाति मेघवाल उम्र 45 साल निवासी राजपुरा रामपुरा जो इलाज के लिए जिला अस्पताल आया था, उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि अस्पताल ही उसकी जिंदगी की आखिरी मंज़िल साबित होगा। पर्ची कटवाने के बाद चक्कर आने और घबराहट होने के कारण गेट के पास राजू लेट गया। उसके बाद अचानक हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना का वह शिकार बन गया।
हादसा तब हुआ जब सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल की सरकारी गाड़ी अस्पताल परिसर से गुजऱ रही थी। गाड़ी ने बेकाबू होकर राजू को रौंद डाला। टक्कर इतनी भीषण थी कि राजू गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं और महज़ आधे घंटे में उसने दम तोड़ दिया।जैसे ही हादसे की खबर फैली, अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। लोगों का गुस्सा भडक़ उठा, सवाल उठने लगे कि जब अस्पताल के अंदर ही इंसान सुरक्षित नहीं है तो बाहर क्या उम्मीद की जाए। सिविल सर्जन की गाड़ी से हादसा हुआ, गाड़ी थाने पर खड़ी करवाई गई। गाड़ी ड्राइवर चला रहा था। शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है, और परिजनों को सूचना दे दी गई है। मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।
– पुष्पा चौहान, थाना प्रभारी
