नयी दिल्ली, 18 सितंबर (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 500 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बैंक धोखाधड़ी के सिलसिले में पूर्व सांसद और अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक (एएनएससीबीएल) के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप राय शर्मा, इसी बैंक के प्रबंध निदेशक के. मुरुगन और ऋण अधिकारी के. कलैवानन को गिरफ्तार कर लिया है।
ये गिरफ्तारियाँ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई हैं। इन लोगों पर आरोप था कि इन्होंने एक आपराधिक साजिश के तहत, बिना किसी पुनर्भुगतान के इरादे से फर्जी कंपनियों और अन्य संस्थाओं को बड़े कर्ज देने के लिए बैंकिंग नियमों का उल्लंघन किया। शर्मा 2019 से 2024 तक अंडमान निकोबार लोकसभा सीट से कांग्रेस पार्टी का सांसद रहा है।
ईडी के अनुसार, साक्ष्यों से पता चलता है कि फर्जी फर्मों के लिए 100 से ज़्यादा खातों के ज़रिए कर्ज बांटा गया। लगभग 230 करोड़ रुपये का एक खास हिस्सा कथित तौर पर शर्मा और उनके सहयोगियों के लाभ के लिए ही निकाला गया।
जांच में आगे खुलासा हुआ कि प्रबंध निदेशक और ऋण अधिकारी ने अपने रिश्तेदारों की कंपनियों के नाम पर धोखाधड़ी से ऋण प्राप्त किए और शर्मा के निर्देश पर सहयोगियों को स्वीकृत ऋणों पर पांच प्रतिशत कमीशन प्राप्त किया।
माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने शर्मा और कलैवानन को आगे की पूछताछ के लिए आठ दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है। यह मामला द्वीपसमूह में कथित उच्च-स्तरीय वित्तीय भ्रष्टाचार पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को दर्शाता है।केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ईडी की यह पहली गिरफ्तारी है।

