शिव कंठ नगर में महिला की सूझबूझ से बची जान
इंदौर: आधी रात को कचरे और घास के ढेर से गूंजती रोने की आवाज ने एक नवजात की जिंदगी बचा ली. शिव कंठ नगर की बस्ती में रहने वाली महिला ने साहस और संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची को उठाकर घर ले आई. उसने गंदगी साफ की, दूध पिलाया और सुबह पति के साथ थाने पहुंचकर बच्ची को पुलिस को सौंप दिया. फिलहाल बच्ची अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती है.
घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की है. रुकमा नामक महिला की नींद अचानक टूटी तो उसे लगा बाहर कुछ हलचल है. शक होने पर वह घर से बाहर निकली, लेकिन चोरी जैसी कोई बात नहीं दिखी. लौटने ही वाली थीं कि छोटे बच्चे की रोने की आवाज ने उन्हें चौंका दिया. रुकमा ने बताया कि टॉर्च की रोशनी में जब घास और कचरे के बीच देखा तो नवजात कांपती हुई पड़ी थी.
डर था कि कहीं कुत्ते या कोई और जानवर हमला न कर दे, इसलिए तुरंत उसे गोद में उठाकर घर ले आई. रातभर उसे संभाला और दूध पिलाया. सुबह पति घनश्याम परमार के साथ रुकमा थाने पहुंचीं और बच्ची को पुलिस के सुपुर्द कर दिया. पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पीआईसीयू में भर्ती कर लिया जहां उसका इलाज किया जा रहा है.
जानकारी जुटा रही पुलिस
मामले में पुलिस का कहना है कि घटना स्थल शिव कंठ नगर बस्ती क्षेत्र का है, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं. पुलिस को आशंका है कि मामला अवैध संतान से जुड़ा हो सकता है. आसपास के मैटरनिटी अस्पतालों से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि पता चल सके कि किसने मासूम को कचरे में फेंका.
