
जबलपुर। लोअर डिवीजन क्लर्क को नियम विरुद्ध स्टेट बार काउंसिल का सचिव बनाये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ ने याचिका की सुनवाई करते हुए श्रीमती गीता शुक्ला को सचिव पद से हटाकर उनके मूल पद पर भेजने के आदेश जारी किये है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि स्टेट बार काउंसिल दो माह में सचिव पद की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण कर न्यायालय को अवगत करवाये।
स्टेट बार काउंसिल सदस्य शैलेंद्र वर्मा,अहादुल्ला उस्मानी सहित अन्य पांच की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि श्रीमती गीता शुक्ला लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर पदस्थ थी। उनके नियम विरूध्द तरीके से प्रमोशन देकर स्टेट बार काउंसिल ने 31 जनवरी 2022 को एलडीसी के पद से सहायक सचिव के पद पर पदोन्नत किया। इसके बाद 9 जुलाई 2024 को उन्हें सचिव बना दिया गया। याचिका में कहा गया था कि योग्यता नहीं होने के बावजूद भी उन्हें 6 पदों का प्रमोशन देकर सहायक सचिव बनाया गया था।
स्टेट बार काउंसलिंग ने साल 2019 में सहायक सचिव पद के लिए परीक्षा का आयोजन किया था। उक्त परीक्षा में गीता शुक्ला भी शामिल हुई थी और उन्हें सिर्फ पांच अंक प्राप्त हुए थे और उनकी रैंकिंग 12 थी। पांच साल के अधिवक्ता का अनुभव नहीं होने के बावजूद भी वह परीक्षा में शामिल हुई थी। उन्हें नियमों को ताक में रखकर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया है।
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा कि सचिव का पद एक महत्वपूर्ण पद है और इस पद पर नियुक्ति के लिए योग्यताएं नियमों द्वारा निर्धारित की गई हैं। नियुक्ति से पहले इन्हें पूरा करना अनिवार्य है। कोर्ट ने कहा कि स्टेट बार काउंसिल ने गीता शुक्ला को सहायक सचिव के पद पर पदोन्नत किया और फिर उन्हें सचिव के पद पर नियुक्त किया। स्पष्ट रूप से यह कार्रवाई अधिवक्ता अधिनियम, 1961, मध्य प्रदेश राज्य बार काउंसिल नियमों के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन है। आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के लिए एग्जीक्यूटिव कमेटी की कोई सिफारिश नहीं की थी। चेयरमैन ने अपनी मर्ज़ी से एक्टिंग सेक्रेटरी के तौर पर अपॉइंट किया था और फिर जनरल बॉडी ने उन्हें असिस्टेंट सेक्रेटरी के पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया। इसके बाद उन्हें बिना ज़रूरी क्वालिफिकेशन और बिना किसी सिलेक्शन प्रोसेस के सेक्रेटरी के पद पर अपॉइंट कर दिया गया। युगलपीठ ने अपने आदेष में कहा है कि गीता शुक्ला को असिस्टेंट सेक्रेटरी तथा सेक्रेटरी के पद पर उनकी आगे की नियुक्ति रद्द की जाती है। मध्य प्रदेश की स्टेट बार काउंसिल नियमों और तय योग्यताओं के अनुसार स्टेट बार काउंसिल के सेक्रेटरी व असिस्टेंट सेक्रेटरी पद पर दो महीने के अंदर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करेगी ।
