
नई दिल्ली, 04 नवम्बर 2025: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को हमास को निहत्था करने और गाजा पट्टी को पूरी तरह से असैन्य क्षेत्र (De-militarized) बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पिछले महीने लागू हुए सीजफायर (युद्धविराम) के बावजूद भी बचे हुए आतंकी समूहों को निशाना बनाती रहेगी। नेतन्याहू ने मंत्रियों को बताया कि गाजा के कुछ हिस्सों में हमास के कुछ सेल अभी भी सक्रिय हैं, जिन्हें वे व्यवस्थित तरीके से खत्म कर रहे हैं, और इसके लिए उन्होंने दक्षिणी गाजा में राफा और खान यूनिस के इलाकों का विशेष रूप से जिक्र किया।
नेतन्याहू ने कहा कि हमास को निहत्था करना और गाजा पट्टी को असैन्य बनाना उनका प्रमुख सिद्धांत है, जिस पर वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी सहमत हुए थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल अपनी “सबसे बड़ी सुरक्षा जिम्मेदारी” से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि इजरायली सेना गाजा में मौजूद अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए काम करती रहेगी और वह अपने अमेरिकी सहयोगियों को ऑपरेशन्स के बारे में बताएगा, लेकिन इसके लिए अमेरिका से इजाजत नहीं माँगेगा।
नेतन्याहू की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब व्हाइट हाउस युद्धविराम को बनाए रखने और बंधकों को छुड़ाने की कोशिश कर रहा है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, सीजफायर शुरू होने के बाद से इजरायली गोलीबारी में कम से कम 236 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। नेतन्याहू ने लेबनान की सरकार से हिज्बुल्लाह को निहत्था करने की अपनी प्रतिबद्धता को लागू करने का भी आग्रह किया। उन्होंने हिज्बुल्लाह पर फिर से हथियार जमा करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि अगर जरूरी हुआ तो इजरायल आत्मरक्षा में कार्रवाई करेगा।
