
जबलपुर। प्रदेश में नेशनल लोक अदालत के माध्यम से शनिवार को 1 लाख 43 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के तहत किया गया। आपसी समझौते के तहत 94, 344 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों एवं 47, 029 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत के लिए प्रदेश में कुल 1465 पीठों का गठन किया गया था। हाईकोर्ट की जबलपुर सहित इंदौर तथा ग्वालियर खंडपीठ में 9 पीठों को गठन किया गया था। जिला व तहसील न्यायालय में 1456 पीठों को गठन किया गया था।
नेशनल लोक अदालत में लोक अदालत में रिट याचिकाएं, सिविल रिवीजन, द्वितीय अपीलें, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, वैवाहिक विवाद, अपराध शमनीय प्रकरण, धारा 138 एनआई एक्ट के अंतर्गत चेक बाउंस प्रकरण, श्रमिक विवाद, बैंक ऋण वसूली प्रकरण एवं विद्युत, जल बिल संबंधित विवाद को रखा गया था।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में आयोजित लोक अदालत के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, प्रशासनिक न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष द्वारा की गई। इस अवसर पर न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल, अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, एवं उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशगण भी उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत का आयोजन मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक तथा संजीव सचदेवा के प्रेरणादायी नेतृत्व तथा न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, प्रशासनिक न्यायाधिपति एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित किया गया। लोक अदालत में प्रदेशभर से उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
