
इंदौर. एमपीपीएससी 2024 की परीक्षा में फीमेल अनारक्षित श्रेणी में टॉप करने वाली हर्षिता दवे ने डिप्टी कलेक्टर पद हासिल कर इंदौर का नाम रोशन किया. सफलता के पीछे की अपनी राह के बारे में हर्षिता ने कहा, “मैं बस यही कहना चाहूंगी कि परिश्रम, सतत प्रयास और धैर्य किसी भी परीक्षा के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है. प्रीलिम्स के लिए ज़्यादा से ज़्यादा क्वेश्चंस हल करना, मेंस के लिए शॉर्ट नोट्स बनाना और इंटरव्यू के लिए अपने व्यक्तित्व पर काम करना—यही मेरी सफलता के तीन सूत्र हैं.”
हर्षिता ने नव भारत प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए बताया कि इस उपलब्धि के लिए अपने प्रारंभिक विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर और माधव विद्यापीठ, परीक्षा पूर्व तैयारी के लिए आज़ाद पी तीन क्लासेस के संचालक लखन पटेल एवं महेंद्र पाटीदार, और इंटरव्यू की तैयारी हेतु प्रदीप मिश्रा का आभार व्यक्त किया. उन्होंने यह भी कहा कि मेरे परिवार की प्रतिक्रिया भी भावुक और प्रेरणादायक रही. हर्षिता के बड़े भाई, हार्दिक दवे ने कहा, “मुझे अपनी छोटी बहन पर गर्व है. वह प्रारंभ से इंटरनेशनल डिबेटर रही, यह उसके श्रम का साफल्य है.” तीन साल से पोती के साथ रातें बिताने वाली दादी सुशीला दवे भावुक होकर बोलीं, “जीवन में सभी बच्चों ने खुशी दी है, लेकिन सबसे बड़ी प्रसन्नता हर्षिता ने दी है.” हर्षिता की माताजी, देहली इंटरनेशनल में हिंदी की अध्यापिका श्रीमती सुनिता दवे कहती हैं, “अब बिटिया हर्षिता ने भी मुझे यह प्रसन्नता देकर यह पुनः सिद्ध कर दिया कि बेटियां बेटों से कम नहीं होती.” पिता, डॉ. विकास दवे, जो वर्तमान में साहित्य अकादमी के निदेशक हैं, ने कहा, “अब समय आ गया है जब हम यह गर्व कर सकते हैं कि बेटियां अपने पूरे कूल को गौरव दिलाने में सक्षम हैं. इस सफलता का सम्पूर्ण श्रेय उनके मार्गदर्शकों को जाता है.” हर्षिता की इस उपलब्धि ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इंदौर में उत्साह और प्रेरणा का संचार किया है.
