मुंबई, 20 मई (वार्ता) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भारतीय घरेलू सीज़न 2026-27 का शेड्यूल घोषित करते हुए खुशी हो रही है। इस सीजन के दौरान, पुरुषों और महिलाओं के क्रिकेट में अलग-अलग आयु वर्गों और फ़ॉर्मेट में कुल 1,788 मैच खेले जाएँगे। इस सीजन में पुरुषों के क्रिकेट में सीनियर, अंडर23, अंडर19 और अंडर16 श्रेणियों में टूर्नामेंट होंगे, साथ ही महिलाओं की सीनियर, अंडर23, अंडर19 और अंडर15 प्रतियोगिताओं का भी एक विस्तृत कैलेंडर होगा।
घरेलू सीज़न की शुरुआत 23 अगस्त को प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफ़ी से होगी। यह एक और विस्तृत और बेहद प्रतिस्पर्धी कैलेंडर की शुरुआत का प्रतीक है, जो भारत में घरेलू क्रिकेट के मानकों को लगातार ऊँचा उठा रहा है। 2026-27 का घरेलू सीज़न एक मज़बूत और प्रतिस्पर्धी घरेलू ढाँचा बनाने के प्रति बीसीसीआई की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि सभी फ़ॉर्मेट और श्रेणियों में संतुलित प्रगति हो। इस सीज़न का रेड-बॉल (लाल गेंद) वाला हिस्सा दलीप ट्रॉफ़ी से शुरू होगा, जिसमें छह ज़ोनल टीमें हिस्सा लेंगी। इसके बाद एक अक्टूबर से ईरानी कप खेला जाएगा। रणजी ट्रॉफ़ी और कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफ़ी दो चरणों वाले फ़ॉर्मेट में ही खेली जाती रहेंगी। इससे खिलाड़ियों को आराम करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, और साथ ही घरेलू ढाँचे में मल्टी-डे क्रिकेट (कई दिनों तक चलने वाले मैच) को प्राथमिकता देना भी जारी रहेगा। रणजी ट्रॉफ़ी के एलीट ग्रुप में चार समूहों में 32 टीमें होंगी, जबकि प्लेट ग्रुप में छह टीमें शामिल होंगी।
आने वाले सीज़न में कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफ़ी के विजेताओं और ‘रेस्ट ऑफ़ इंडिया’ के बीच होने वाले मैच की वापसी होगी। यह मैच 1 से 4 अक्टूबर 2026 के बीच खेला जाएगा। यह मैच घरेलू कैलेंडर में इसलिए वापस लाया गया है, ताकि अंडर23 आयु वर्ग के उभरते हुए क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बेहतर और प्रतिस्पर्धी मंच मिल सके। घरेलू क्रिकेट को आधुनिक खेल की बदलती ज़रूरतों के अनुरूप बनाने के बीसीसीआई के निरंतर प्रयासों के तहत, पुरुषों की अंडर23 स्टेट ‘ए ‘ ट्रॉफ़ी और विज़ी ट्रॉफ़ी को ‘वनडे’ (एक दिवसीय) प्रतियोगिताओं से बदलकर टी 20 टूर्नामेंट में बदल दिया गया है। एक और अहम कदम के तहत, कूच बिहार ट्रॉफी (एलीट ग्रुप) के नॉकआउट मुकाबले बेंगलुरु और मैसूर में खेले जाएंगे। इस कदम का मकसद सभी क्षेत्रों की टीमों के बीच ज़्यादा प्रतिस्पर्धी संतुलन सुनिश्चित करना है, खासकर जनवरी के नॉकआउट दौर में, जब मौसम की स्थितियाँ काफ़ी बदल सकती हैं। इसके अलावा, विजय मर्चेंट ट्रॉफी (अंडर 16) को घरेलू कैलेंडर में पहले कर दिया गया है और अब यह नवंबर से जनवरी के बीच खेली जाएगी, जिससे बेहतर शेड्यूलिंग और खिलाड़ियों की तैयारी में मदद मिलेगी।

