विदिशा। शहर में फर्जी क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है. कई बार इनके इलाज से मरीजों की जान तक जा चुकी है, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हो रहा है. मौतों के बाद दबाव में आकर विभाग क्लीनिक सील तो कर देता है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद वे फिर से पहले की तरह चालू हो जाते हैं.
शहरी नोडल अधिकारी डॉ. पुनीत महेश्वरी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रामलीला मैदान, जतरापुरा, वैशाली नगर, बरईपुरा, गल्लामंडी रोड, खरीफाटक रोड और स्टेशन रोड क्षेत्र की कई क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया. इस दौरान ठाकुर क्लीनिक, सार्थक क्लीनिक, राध्या क्लीनिक, आस्था क्लीनिक, जैन दवाखाना, जैन औषधालय, थायरो केयर और शाशंक लैब सहित कई जगहों पर अनियमितताएं पाई गईं.
जांच में सामने आया कि कुछ चिकित्सक बिना पंजीयन के क्लीनिक संचालित कर रहे हैं. इसके बावजूद न तो किसी क्लीनिक को सील किया गया और न ही कानूनी कार्रवाई की गई. अधिकारियों ने केवल समझाइश देकर क्लीनिक संचालकों को एमपीऑनलाइन के माध्यम से पंजीयन कराने की सलाह देकर कार्रवाई पूरी कर दी.
शहरवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग केवल औपचारिकता निभा रहा है, जिससे अवैध क्लीनिकों का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है.
