रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट हो सकते हैं संतुलिन विकल्प: संगठन

नयी दिल्ली, 05 सितंबर (वार्ता) रियल एस्टेट निवेश ट्रस्टों (रिट्स) और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्टों (इनविट्स) के संगठनों ने शुक्रवार को कहा कि ये कम जोखिम के साथ ज्यादा रिटर्न देने वाले संतुलित निवेश विकल्प हो सकते हैं।

रिट्स और इनविस्ट क्रमशः रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम करने वाले ट्रस्ट हैं, जो एसपीवी के जरिये इन परिसंपतियों का परिचालन करते हैं। नियमों के अनुसार, उनके लिए अपने यूनिटधारकों को परिचालन से होने वाले नकद लाभ का 90 प्रतिशत देना अनिवार्य है। यह लाभ यूनिट की कीमतों में उतार-चढ़ाव से अलग है। एक तरह से हर यूनिटधारक परिसंपत्ति में हिस्सेदार होता है।

उदाहरण से लिए कोई रिट्स कोई मॉल किराये पर देकर उससे किराया वसूलती है तो उसका हिस्सा यूनिटधारकों को भी मिलता है।

इंडियन रिट्स एसोसिएशन और भारत इनविट्स एसोसिएशन द्वारा यहां आयोजित संयुक्त कार्यक्रम में दोनों संगठनों के अधिकारियों ने कहा कि ये दोनों ऐसे निवेश विकल्प हैं,जिसमें एक नियमित आय भी होती है और यूनिट की कीमत बढ़ने से उसका लाभ भी मिलता है। यह डेट की सुरक्षा और शेयर की ऊंची आय के बीच विकल्प तलाशने वालों के लिए अच्छा अवसर है।

रिट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और ब्रुकफील्ड इंडिया के प्रबंध निदेशक आलोक अग्रवाल ने कहा कि देश में पांच सूचीबद्ध रिट्स का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 1.5 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने अपने यूनिटधारकों को अब तक 24,300 करोड़ रुपये से ज्यादा का वितरण किया है। इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में भारतीय रिट्स बाजार का आकार 2.25 लाख करोड़ रुपये था।

भारत इनविट्स एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एन.एस. वेंकटेश ने कहा कि इनविट्स और रिट्स बाजार का कुल आकार 10 साल में 10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। देश में म्यूचुअल फंड को उस स्तर तक पहुंचने में 50 साल लग गये थे। इनविस्ट ने अपने यूनिटधारकों को मार्च 2025 तक 68,000 करोड़ रुपये का लाभ हस्तांतरित किया है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शुरू में विदेशी निवेशक ज्यादा आये, क्योंकि उन्हें इसका पूर्व अनुभव था। वहीं अब धीरे-धीरे घरेलू निवेशक आने शुरू हुये हैं।

कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट के सीईओ मनीष सतनालीवाला ने बताया कि इनविस्ट में 50 प्रतिशत से अधिक निवेश विदेशी निवेशकों का है जबकि घरेलू निवेश मात्र 21 प्रतिशत है। इनवेस्ट बाजार के अगले पांच साल में तीन गुना बढ़ने की संभावना है।

माइंडस्पेस बिजनेस पार्क रीट की मुख्य वित्तीय अधिकारी प्रीति छेड़ा ने कहा कि अमेरिका में 98 प्रतिशत से अधिक रियल एस्टेट कंपनियां रिट्स हैं जबकि भारत में मात्र 11.2 प्रतिशत इस श्रेणी में आती हैं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह प्रतिशत बढ़ाने के लिए नियमों में बदलाव जरूरी है।

इस समय बीमा क्षेत्र के लिए रिट्स में निवेश की सीमा तीन प्रतिशत, पेंशन फंड के लिए पांच प्रतिशत और म्यूचुअल फंड के लिए 10 प्रतिशत है। इसे बढ़ाने की जरूरत है।

 

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