नयी दिल्ली, 02 सितंबर (वार्ता) सरकार ने आप्रवास एवं विदेशियों विषयक अधिनियम, 2025 के तहत छूट के नये नियम जारी कर दिये हैं।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन में आप्रवास एवं विदेशियों विषयक (छूट) आदेश, 2025 जारी किया जो 01 सिंतबर से प्रभावी हो गया है। साथ ही अलग से अधिसूचना जारी कर अवैध रूप से भारत में रहने वाले विदेशियों पर पांच लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि नेपाल और भूटान के नागरिकों को इन देशों से लगती सीमाओं से भारत में प्रवेश या भारत से अपने देश जाने के लिए पासपोर्ट, वीजा या अन्य दस्तावेजों की जरूरत नहीं होगी। अपने देश के अलावा किसी और देश की सीमा से प्रवेश करते समय वैध पासपोर्ट जरूरी होगा। हालांकि चीन, मकाऊ, हांगकांग या पाकिस्तान के रास्ते भारत में प्रवेश करते समय से भारत से इन देशों की सीमाओं में जाते समय उन्हें नियमों में छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
साल 1959 के बाद और 30 मई 2003 से पहले भारत में आये तिब्बत के ऐसे नागरिकों को जो पहले से भारत में रह रहे हैं और संबंधित पंजीकरण अधिकारी के पास पंजीकरण कराया हुआ है और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है, अधिनियम के प्रावधानों से छूट प्रदान की गयी है। काठमांडु में भारतीय दूतावास के विशेष प्रवेश परमिट पर 30 मई 2003 के बाद भारत-नेपाल सीमा के रास्ते भारत आये तिब्बती नागरिकों को भी यह छूट उपलब्ध होगी।
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंगलादेश में उत्पीड़न के कारण या उत्पीड़न के डर से 31 दिसंबर 2024 तक भारत आने वाले हिंदू, सिक्ख, बौद्ध, जैन, पारसी और क्रिश्चन समुदाय के लोगों को भी इस छूट का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, 09 जनवरी 2015 तक भारत में शरण लेने वाले पंजीकृत श्रीलंकाई तमिलों को भी भारत में उनके रहने तक अधिनियम के नियमों से उन्हें छूट मिलती रहेगी।
एक अन्य गजट नोटिफिकेशन में अधिनियम को लागू करने की राज्य और केंद्र सरकारों की जिम्मेदारियों को परिभाषित किया गया है। इसमें कहा गया है कि अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी, केंद्र सरकार राज्य के जारी किसी भी आदेश में संशोधन कर सकती है या उसे रद्द कर सकती है। कोई भी विदेशी नागरिक तय आप्रवास चौकियों के माध्यम से ही आ या जा सकेगा।
तीसरी अधिसूचना में नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने की राशि तय की गयी है और जुर्माना लगाने वाले अधिकारियों के नाम तय किये गये हैं। बिना वैध दस्तावेजों के भारत में प्रवेश पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा।
वीजा या अनुमति की अवधि समाप्त होने के बाद 30 दिन तक अधिक ठहरने पर 10 हजार रुपये का जुर्मान, 31 से 90 दिन तक अधिक ठहरने पर 20 हजार रुपये, 180 दिन तक रुकने पर 50 हजार रुपये, एक साल तक रुकने पर एक लाख रुपये और एक साल से अधिक रुकने पर दो लाख रुपये से तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा।
