भोपाल: भोपाल रियासत समाप्त होने के बाद से नवाब के परिवार ने हजारों करोड़ की सम्मत्तियों पर अपनी दावेदारी कर रखी है, इस दावेदारी के खिलाफ समाज सेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा था. उसी शिकायती पत्र पर राष्ट्रपति कार्यालय से मुख्य सचिव, म.प्र. शासन को पत्र लिखा एवं प्रधानमंत्री कार्यालय ने संयुक्त सचिव एफएफआर, संभाग को पत्र भेजा. मप्र मंत्रालय के शिकायती पत्र के पालन में कलेक्टर ने एक जांच कमेटी बनाई है जिसमें जिला प्रशासन के अपर कलेक्टर सहित सात प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं.
पूर्व में भी दिया था जांच का आदेश
भोपाल रियासत की विचाराधीन अथवा जाँच में प्रचलित शत्रु संपत्तियों पर भोपाल कलेक्टर द्वारा 8 जुलाई 2025 एवं 11 जनवरी 2022 को जिलों के समस्त अनुविभागीय अधिकारियों एवं समस्त तहसीलदारों को 7 दिन में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया था, जिसका 4 वर्षों तक पालन नहीं हुआ.
जांच के प्रमुख विंदु
पूर्व भोपाल रियासत की शत्रु सम्पत्ति को भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं सीबीआई से जाँच कराने की माँग एवं जाँच जारी रहने तक इन सम्पत्तियों की खरीदी-बेची पर रोक लगायी जावे.
नवाब परिवार से भोपाल मर्जर एग्रीमेंट की मूलप्रति की माँग, मर्जर एग्रीमेंट-1949 की मूलप्रति न देने पर नवाब परिवार द्वारा प्रस्तुत चल-अचल संबंधी किसी भी विवाद को मान्य नहीं किया जावे.
