कम बारिश में ही उखड़ी सड़कें, हो गए गढ्ढे

इंदौर:जन सुविधा के लिए शहर में सड़क निर्माण कार्य किया गया और इस पर नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए गए. वहीं एक बरसात ने ही विकास कार्य में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी.नगर निगम द्वारा पिछले कुछ वर्षों से शहर में सड़क चौड़ीकरण और सड़क नव निर्माण के कार्य लगातार किए जा रहे हैं और आगे भी कई सड़क निर्माण के प्रस्ताव नगर निगम में पारित है. इस विकास कार्य को देखकर शहर के हर नागरिक की ने सराहना भी की.

लेकिन यह विकास कार्य कितना सफल हुआ है यह बरसात होते ही पता चल गया. 15 अगस्त से शहर में थम-थम कर बरसात हो रही है. हल्की फुल्की बरसात रुकने के बाद लोगों की मुसीबतें बढ़ गई है क्योंकि बरसात थमते ही शहर भर की सैकड़ों सड़कों पर छोटे-बड़े गड्ढे उभर आए हैं. कुछ चौराहों पर तो सड़क उखड़ गई जिसकी गिट्टी चारों ओर फैली दिखाई दे रही है. इससे यहां साफ प्रतीत हो रहा है कि किस गुणवत्ता से सड़क निर्माण किया गया और इस पर सही मायनों में कितना पैसा खर्च हुआ होगा. इस भ्रष्टाचार की पोल कुदरत ने ही खोल कर रख दी है. गड्ढों की यहां कहानी नई बात नहीं है. इन गड्ढों के कारण कई राहगिरों की मौतें भी हो चुकी हैं फिर भी भ्रष्टाचार चरम पर है.

इनका कहना है…
ऐसे में शहर की तस्वीर बिगड़ जाती है. इन गड्ढों के कारण कई हादसे हो चुके हैं फिर भी किसी की आंखें नहीं खुलती. बस पेच वर्क कर देंगे. फिर अगले साल वही मुसीबत.
– जितेंद्र बंसीवाल
प्रिंस यशवंत मार्ग जिसका निर्माण महाराज के समय में किया गया था. आज भी कई दशकों से वैसा के वैसा ही है. वर्तमान की सड़क आज बनती है. छः महीने बाद उखड़ जाती है.
– अमोल पाटील
उच्च गुणवत्ता वाला मटेरियल आज भी मिलता है. लेकिन उसमें मिलावट ना की जाए तो सड़कें सालों साल चल सकती है पर ऐसा क्यों नहीं होता. भ्रष्टाचार मिटाने वाले जिम्मेदार मौन क्यों है?
– मोहम्मद इमरान

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