जबलपुर: मदन महल से दमोहनाका तक बने फ्लाईओवर से शहर को एक बड़ी सौगात के साथ यातायात को सहूलियत भी मिली है। जिससे लोगों को आवागमन में काफी सुविधा हो रही है। इसके अलावा फ्लाईओवर शुरू होने से कुछ चौराहों पर ट्रैफिक दवाब कम हुआ है, बावजूद इसके सिग्नल लगने की जरूरत है, क्योंकि भले ही यहां पहले जैसे लंबा जाम नहीं लग रहा है, लेकिन चौराहों पर गहमागहमी की स्थिति बनी रहती है। विदित है कि बल्देवबाग, रानीताल चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण कार्य के चलते निकाले गए सिग्नल को अभी तक नहीं लगाया गया है। जिसके कारण रोजाना ही ट्रैफिक जाम की समस्या चौराहे पर बनी रहती है।
सीधे जाने वाले वाहनों का दबाव हुआ कम
उल्लेखनीय है कि फ्लाईओवर शुरू होने से दमोह नाका की ओर से रानीताल और मदन महल की ओर जाने वाले वाहन ऊपर से निकल जाते हैं, जिससे बल्देवबाग और रानीताल चौराहे पर उनकी आवाजाही नहीं होती है। उससे काफी हद तक चौराहे में ट्रैफिक दवाब कम हुआ है, लेकिन मुख्य बाजार निवाड़गंज, उखरी के अलावा चेरीताल, और आगा चौक आदि चारों तरफ से आने वाले वाहन चालकों को चौराहे पर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, अगर यहां सिग्नल लग जाते हैं तो इस समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा।
यहां सिगनल होने के बाद लग रहा जाम
एक ओर शहर के कुछ चौराहों पर सिग्नल नहीं है तो दूसरी ओर जहां सिग्नल लगे हुए हैं वह मेंटेनेंस ना होने के कारण यह बार-बार बंद हो जाते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण नौदरा ब्रिज पर लगे ट्रैफिक सिग्नल में देखने को मिलता है। यहां सिग्नल बंद होने के कारण रोजाना ही चौराहे पर ट्रैफिक जाम के साथ ही दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है।
