
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृहक्षेत्र उज्जैन में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। कांग्रेस ने भाजपा पर खुलेआम गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाकर लोकतंत्र को आहत किया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने रोकने के बजाय भाजपा के एजेंट की तरह काम किया। तराना विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) महेश परमार और शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और अनुशासित प्रतिरोध करते हुए भाजपा की साजिश नाकाम कर दी।
महेश परमार ने कहा, जब पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह बर्ताव करे, तो यह लोकतंत्र का अपमान है। हमने संविधान और गांधी के आदर्शों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा की रैली का उद्देश्य हिंसा भड़काना और कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ कर आगजनी करना था। इस रैली में सांसद अनिल फिरोज़िया, विधायक, महापौर, निगम अध्यक्ष और यहां तक कि मुख्यमंत्री की बहन कलावती यादव भी मौजूद रहीं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनके साहसिक प्रतिरोध ने यह संदेश दिया कि लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने इसे प्रतिरोध का सबक बताते हुए राज्य मशीनरी के दुरुपयोग के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
