
भोपाल। बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए काम करने वाले नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मध्यप्रदेश को वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। संस्था के संस्थापक और प्रख्यात अधिवक्ता भुवन ऋभु ने कहा कि भारत सरकार के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार प्रदेश में हर पांच में से एक बच्ची का विवाह कम उम्र में कर दिया जाता है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि संगठन देशभर के 434 जिलों में 250 सहयोगी संगठनों के साथ जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। मध्यप्रदेश में भी जन-जागरूकता और कानूनी हस्तक्षेप से ठोस पहल की गई है। संस्था चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया अभियान के माध्यम से बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने के लिए सतत प्रयासरत है।
