भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के लोकार्पण अवसर पर आयोजित युवाओं से संवाद कार्यक्रम में कहा कि भारतीय काल गणना और वैदिक पद्धति हमारी वैज्ञानिक व सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने बताया कि भारतीय पंचांग प्रकृति और ऋतुचक्र से जुड़ा है, जबकि अंग्रेजी तिथियां केवल बदलाव का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमावस्या और पूर्णिमा का प्रभाव मानव शरीर तक पर वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है। भारतीय गणना पद्धति में दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक माना जाता है और 30 मुहूर्त व 24 घंटे की संरचना इसकी अद्वितीय प्रणाली है।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विचार व्यक्त करने और सत्य के आधार पर सुधार करने की स्वतंत्रता हमारी संस्कृति की शक्ति है। उज्जैन को काल गणना का केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि आज पंचांग और वैदिक गणित की सटीकता को पूरी दुनिया मान रही है। वैदिक घड़ी केवल समय बताने का साधन नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति और विज्ञान का जीवंत प्रतीक है।
