नयी दिल्ली, 30 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जंडर स्टब्ब की इसी सप्ताह हुई फोन वार्ता के बाद शुक्रवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच यूक्रेन के मसले पर बातचीत हुई।
भारत ने ताजा बातचीत में स्पष्ट किया कि वह हमेशा से बातचीत और कूटनीति की राह का समर्थन करता आ रहा है और इस मामले में भारत को लक्ष्य बनाना अनुचित है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में फिनलैंड की विदेश मंत्री फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन से फोन पर इस बातचीत की जानकारी देते हुए कहा, ‘‘ हमारी बातचीत यूक्रेन युद्ध और उसके प्रभावों पर केंद्रित रही।”
विदेशमंत्री ने सुश्री वाल्टोनन से कहा कि यूक्रेन के संदर्भ में भारत को निशाना बनाना अनुचित है। उन्होंने इस बातचीत में इस तथ्य को रेखांकित किया कि ‘ भारत हमेशा से ही कहता रहा है कि मसले का समाधान परस्पर बातचीत और कूटनीतिक तरीके से निकाला जाना चाहिए।’
इससे पहले फिनलैंड के राष्ट्रपति ने बुधवार 27 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था। दोनों नेताओं ने दोनों नेताओं ने विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के साथ-साथ रूस यूक्रेन संघर्ष पर भी बात की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे बातचीत में रूस यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत का समर्थन दोहराया था। राष्ट्रपति श्री स्टब्ब ने यूक्रेन में संघर्ष के समाधान पर वाशिंगटन में यूरोप, अमेरिका और यूक्रेन के नेताओं के बीच हुई बैठकों पर श्री मोदी के साथ अपना आकलन साझा किया था। फिनलैंड के राष्ट्रपति ने पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र समापन के लिए फ़िनलैंड के समर्थन की फिर ताकीद की थी।
