नयी दिल्ली, 26 अगस्त (वार्ता) दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि हम लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, पारदर्शिता और जवाबदेही को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
श्री गुप्ता ने ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस के समापन के बाद संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली विधानसभा फैलोशिप की घोषणा की जिसके अंतर्गत संसदीय इतिहास और परंपराओं के गंभीर अध्ययन को प्रोत्साहन मिलेगा, विशेषकर श्री वीर विठ्ठलभाई पटेल के योगदान और व्यापक सुधारवादी एजेंडा पर शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। यह फैलोशिप शोधकर्ताओं को गहन अध्ययन का अवसर प्रदान करेगी और उनके अनुसंधान और शोध को जन-सामान्य तक पहुँचाएगी। उन्होंने बताया कि विधान सभा पुस्तकालय का डिजिटलीकरण कार्य चल रहा है, जिसे छह माह में पूरा कर जनता और शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वीर विठ्ठलभाई पटेल के प्रथम भारतीय अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण की शताब्दी का यह आयोजन केवल ऐतिहासिक स्मरण नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति नयी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 31 में से 29 पीठासीन अधिकारियों की भागीदारी इस सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता और संघीय एकता का प्रमाण है।
अध्यक्ष ने बताया दिल्ली विधानसभा 1924–1930 के कार्यवृत्तों का भंडार तैयार कर रही है। इन ऐतिहासिक बहसों — जैसे प्राथमिक शिक्षा, महिला अधिकार, बाल विवाह और सामाजिक सुधार — का अनुवाद कार्य जारी है, जिससे यह सामग्री जनता के लिए सुलभ हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान उद्घाटित “वीर विठ्ठलभाई की गौरव गाथा” प्रदर्शनी 26 से 31 अगस्त शाम 6 बजे तक दिल्ली विधान सभा में विद्यार्थियों , शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए खुली रहेगी। पहले ही दिन दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ कॉलेज लगभग 300 छात्राओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
श्री गुप्ता ने कहा, “हम ‘विरासत के साथ विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ते रहेंगे, ताकि हमारी विधान सभाएँ आधुनिक होते हुए भी लोकतांत्रिक परंपराओं में गहराई से जुड़ी रहें।”
