हैदराबाद | भारत के सबसे प्रतिष्ठित कुकिंग रियलिटी शो ‘मास्टरशेफ इंडिया’ सीजन 9 का समापन शुक्रवार, 6 मार्च को एक भव्य ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ। महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले दो भाइयों, अजिंक्य और विक्रम गांधे ने अपनी बेहतरीन पाक कला और रचनात्मकता से जजों का दिल जीतते हुए इस सीजन का खिताब अपने नाम किया। दिग्गज शेफ संजीव कपूर, विकास खन्ना, रणवीर बराड़ और कुणाल कपूर की मौजूदगी में गांधे ब्रदर्स को प्रतिष्ठित ‘गोल्डन एप्रन’ और मास्टरशेफ ट्रॉफी से नवाजा गया। इस जीत के साथ ही यह जोड़ी अब कुकिंग की दुनिया में नेशनल सेंसेशन बन गई है।
गांधे ब्रदर्स की यह जीत उनके बरसों के कड़े संघर्ष और खाने के प्रति अटूट जुनून का परिणाम है। 31 वर्षीय विक्रम और 29 वर्षीय अजिंक्य ने बहुत कम उम्र में ही रसोई की बारीकियां सीख ली थीं। विक्रम ने जहाँ महज 19 साल की उम्र में अपनी कैंटीन शुरू की थी, वहीं अजिंक्य ने गोवा में अपना कैफे चलाकर अनुभव हासिल किया। कोविड महामारी के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद दोनों भाइयों ने हार नहीं मानी और अपनी पारंपरिक महाराष्ट्रियन कुकिंग शैली को आधुनिक ट्विस्ट देकर मास्टरशेफ के किचन में 50 अन्य जोड़ियों को पीछे छोड़ दिया।
खिताब के साथ ही अजिंक्य और विक्रम गांधे को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन की ओर से 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और ‘गोल्डन शेफ कोट’ प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के इस कड़े मुकाबले में ओडिशा की बहनें अंजू प्रधान और मंजू ओझा प्रथम रनर-अप रहीं, जबकि हैदराबाद की मां-बेटी की जोड़ी चंदना और साई श्री राचकोंडा ने तीसरा स्थान हासिल किया। पूरे सीजन में गांधे ब्रदर्स ने अपने घरेलू स्वादों और एयरोमॉडलिंग जैसे अनूठे शौक से मिलने वाले फोकस का बेहतरीन इस्तेमाल किया, जिसने उन्हें भारत का अगला मास्टरशेफ बनाने में मदद की।

