बर्लिन/नई दिल्ली | 02 जनवरी, 2026: जर्मनी की राजधानी बर्लिन में नए साल के पहले ही दिन एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसमें तेलंगाना के 25 वर्षीय छात्र रितिक रेड्डी की जान चली गई। बुधवार रात रितिक के अपार्टमेंट में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। दम घोंटने वाले धुएं और लपटों से घिरे रितिक ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। इस दौरान उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद रितिक ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर पुनः चिंता बढ़ा दी है।
तेलंगाना के जंगांव जिले के मल्कापुर गांव के रहने वाले रितिक जून 2023 में एमएस (MS) की पढ़ाई के लिए जर्मनी गए थे। परिवार के सदस्यों ने रुंधे गले से बताया कि रितिक ने अपना दशहरा अवकाश भी टाल दिया था ताकि वह जनवरी के दूसरे सप्ताह में मकर संक्रांति का त्योहार अपनों के साथ मना सके। जिस घर में बेटे के स्वागत की तैयारियाँ चल रही थीं, वहाँ अब मातम पसरा हुआ है। जंगांव जिले के लिए यह एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी त्रासदी है, क्योंकि हाल ही में अमेरिका में भी जिले की एक छात्रा की आग लगने से मौत हो गई थी।
जर्मनी के स्थानीय अधिकारी वर्तमान में अपार्टमेंट में आग लगने के कारणों की तकनीकी जाँच कर रहे हैं। इस बीच, रितिक के शोक संतप्त परिजनों और मित्रों ने भारत के विदेश मंत्रालय और जर्मनी में स्थित भारतीय दूतावास से भावुक अपील की है। उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि रितिक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव मल्कापुर लाने के लिए राजनयिक स्तर पर प्रयास तेज किए जाएं। विदेश मंत्रालय ने परिवार को हर संभव सहायता और समन्वय का आश्वासन दिया है, जबकि स्थानीय लोग रितिक के उज्ज्वल भविष्य के असमय अंत से गहरे सदमे में हैं।

