जबलपुर: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के संरक्षण व कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति विवेक रूसिया के मार्गदर्शन में एक विशेष पहल की गई है। इसके तहत मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर की सदस्य सचिव सुश्री सुमन श्रीवास्तव और अतिरिक्त सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने बाजनामठ के पास स्थित निराश्रित वृद्धाश्रम एवं कुष्ठ आश्रम का औचक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों और कुष्ठ रोग से पीडि़त व्यक्तियों से सीधे बातचीत कर उनके स्वास्थ्य, रहन-सहन और विधिक आवश्यकताओं का जायजा लिया।
भ्रमण के दौरान सदस्य सचिव सुश्री सुमन श्रीवास्तव ने सभी बुजुर्गों और जरूरतमंदों को ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि राज्य व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उन्हें कानून के तहत पूरी तरह से नि:शुल्क कानूनी सहायता, परामर्श और हर संभव सहयोग देने के लिए हमेशा तत्पर हैं। इस मौके पर आश्रम के निवासियों को केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण व संरक्षण संबंधी कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया गया।
कोई भी अधिकारों से वंचित न रहे
निरीक्षण के बाद सदस्य सचिव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर को निर्देश दिए कि इन आश्रमों में लगातार विधिक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे। उन्होंने एक मानवीय और व्यावहारिक कदम उठाते हुए अधिकारियों से कहा कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनकी क्षमता के अनुसार लिफाफा निर्माण या अन्य कुटीर उद्योगों से जोड़ा जाए। इस पूरे भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राज्य व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और वृद्धाश्रम की अधीक्षिका रेवंदु सिंह विशेष रूप से मौजूद रहीं।
