इंदौर: गणेश उत्सव को स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने हेतु विशेष पहल की जा रही है. गणेश पंडाल समिति पदाधिकारियों से अपील की गई है कि आगामी गणेश उत्सव में 3 आर रिड्यूस, रियूस और रीसाइकल के सिद्धांत पर पंडालों का निर्माण किया जाए. पंडालों में प्लास्टिक और थर्माकोल का उपयोग नहीं करने का आग्रह किया है.
आज सिटी बस ऑफिस सभागृह में अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया द्वारा शहर की विभिन्न गणेश पंडाल समितियों के पदाधिकारियों की बैठक ली गई.
बैठक में पंडाल समिति के प्रतिनिधियों से अपर आयुक सिसोनिया ने कहा कि इस बार इंदौर गणेश उत्सव समितियों द्वारा आयोजन और सजावट पूरी तरह से पर्यावरण हितैषी हों. इसी तरह विसर्जन के समय भी पारंपरिक विधि के साथ-साथ पर्यावरण को ध्यान में रखा जाए. पंडाल निर्माण में किसी भी प्रकार से प्लास्टिक और थर्माकोल का उपयोग न किया जाए, क्योंकि यह पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है. इसके स्थान पर सजावट एवं निर्माण में रीसाइकिल और पुनः उपयोग योग्य सामग्री का प्रयोग किया जाए. बैठक में उपायुक्त शैलेश अवस्थी, स्वच्छ भारत मिशन के अमित दुबे, रश्मि चौधरी, सहित निगम अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणेश पंडाल समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
पीओपी की मूर्तियों का उपयोग न करें
बैठक में अपर आयुक्त सिसोनिया ने कहा कि इंदौर शहर में पंडाल निर्माता द्वारा इको फ्रेंडली पंडाल का निर्माण करने पर उन्हें निगम द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा. इंदौर सदैव स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में पूरे देश के लिए आदर्श प्रस्तुत करता आया है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम का संकल्प है कि इस बार का गणेश उत्सव न केवल भक्ति और आस्था का पर्व बने, बल्कि यह पूरे देश में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रेषित करें.
