इंदौर: स्वच्छता में लगातार आठ बार देश के सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब प्राप्त इंदौर की सेहत के मामले में शर्मनाक खबर सामने आ रही है। यहां मरने के बाद भी सुकून नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि इंदौर के प्रसिद्ध जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम रूम तक पहुंचने के लिए मृतक के परिजनों को शव लेकर घुटने-घुटने पानी में से गुजरना पड़ रहा है।
यह दृश्य जो आप देख रहे हैं, वह किसी दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र का नहीं है, बल्कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का है। शहर के पश्चिम क्षेत्र धार रोड पर स्थित पं. गोविंद वल्लभ पंत शासकीय जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण केंद्र परिसर का है, जहां पर प्रशासनिक लापरवाही के चलते मुर्दों की भी फजीहत हो रही है। शव परीक्षण केंद्र परिसर में पानी की निकासी नहीं होने से यहां अक्सर पानी भर जाता है। दो दिनों से सतत हो रही वर्षा के कारण यहां के हाल-बेहाल हो गए है।
अस्पताल परिसर में चारो ओर पानी तो भरा ही है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी शव परीक्षण केन्द्र के बाहर हो रही है। यहां आने वाले शव व मृतक के परिजन को शव लेकर घुटने-घुटने पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इधर अस्पताल भवन का लम्बे समय से निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी निर्माण सामग्री पूरे परिसर यत्र-तत्र फैली हुई है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शव परीक्षण केन्द्र परिसर में पानी का निकास नहीं होने से शव को लेकर आने और जाने वाले वाहन वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसका खामियाजा मृतकों के परिजनों को भुगतना पड़ रहा है.
