कार्यवाही के बाद अब मिलर्स हो रहे लामबंद

जबलपुर: धान परिवहन में हुई अफरातफरी मामले में जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही कर एफआईआर तो दर्ज करवा दी है, लेकिन उसके बाद राइस मिलर मोर्चा खोलकर बैठ गए हैं। इस पूरे मामले को लेकर अब प्रदेश स्तर पर मिलिंग बंद करने की बात चावल महासंघ के द्वारा की जा रही है। वहीं मिलिंग से जुड़े कुछ लोगों की माने तो पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी में है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री व उद्योग मंत्री से मिलने का समय मांगा जा रहा है, जिनके सामने वे इस पूरे खेल की परते खोलेंगे।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार की रात जिला प्रशासन द्वारा पुलिस की अपराध शाखा में धान हेराफेरी मामले में 27 लोगों सहित एक अन्य के नाम से विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है। जिसमें 16 राइस मिलर है और शेष नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी कर्मचारी है। हालांकि नान के कर्मचारियों अधिकारियों पर पहले से ही कई मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम बात है जबलपुर जिले के 46 राइस मिलर जिस में से 43 को दोषी पाया गया है और 16 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है और शेष बचे लोगों पर विभागीय जांच सौंप दी है।
सिर्फ एक तरफा कार्रवाई क्यों..??
संघ से जुड़े लोगों की माने तो वे अब अधिकारियों और भोपाल में बैठे सफेद पोश लोगों की कुंडली दिल्ली में खोलने की तैयारी कर रहे हैं। जिसमें भोपाल से लेकर जिला स्तर तक और गोदाम के कर्मचारी तक प्रति लॉट के हिसाब से किसको कब कितना पैसा दिया जाता है, इसकी जानकारी दिल्ली में सामने रखेंगे। जिसको लेकर सबूत भी इकट्ठे करे जा रहे हैं और महासंघ के लोगों का कहना है कि इस पूरे खेल में सिर्फ एक तरफा कार्रवाई क्यों हो रही है, उन अधिकारियों पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही, जो उनसे मोटा पैसा लेते हैं।

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