
बैतूल। जिला न्यायालय परिसर के बाहर बुधवार उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब पत्नी से तलाक लेने पहुंचे एक आईटीबीपी जवान ने अदालत ने पत्नी के साथ जमकर मारपीट करना शुरू कर दिया बीच बचाव करने आये न्यायलयीन कर्मचारी को उठा कर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने मिलकर आरोपी की पिटाई कर दी । पीढ़ित पत्नी ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार आरोपी जवान पेशी पर अदालत पहुंचा था, जहां दोनों के बीच तलाक का मामला विचाराधीन है। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
फरियादि नमिषा उड़के पति शिवपाल उइके उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम जाखली ने शिकायत में बताया , कि वह ग्राम पंचायत महेन्द्रवाडी में मोबीलाईजर पद पर पदस्थ है। 20 अगस्त को कुटम्ब न्यायालय बैतूल में तलाक के केस की पेशी पर कोर्ट आई थी। पति शिवपाल उइके जो आईटीबीपी पुलिस में नौकरी करता है वह भी पेशी पर आया हुआ था । न्यायालय में हमारी पेशी होने के बाद जब वह कोर्ट परिसर से बाहर निकली उसी समय पति ने गाली गलौच कर मोबाइल छीन लिया । बाल पकडकर जमीन पर गिरा दिया और मारने लगा और पैर से गर्दन दबा दिया, जिससे गर्दन में, पीठ में, सीने में, बांये पैर के घुटने के नीचे, बांये गाल में चोटे आई है । झूमाझटकी में कान के सोने की बाली और मंगल सुत्र गिर गया जो ढूंढने पर नहीं मिला । पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ भारतीय न्याय सहिंता की धारा 296, 115(2),351(2)के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी इतना गुस्से में था, मानो उसके सिर पर जैसे खून सवार हो चुका था। पत्नी को बचाने के लिए कर्मचारी दौड़ कर आए तो आरोपी जवान ने एक कर्मचारी को उठाकर जमीन पर पटक दिया। कर्मचारी पर हमला होते देख न्यायालय के अन्य कर्मचारी भी गुस्से में आ गए, और आरोपी की पिटाई कर दी गई। इस घटना से न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग बीच-बचाव के लिए दौड़े बमुश्किल मामला शांत हो सका।
बताया जा रहा है कि जवान लंबे समय से पारिवारिक विवाद के कारण तनाव में था और तलाक की कार्यवाही के लिए न्यायालय आया था। लेकिन सुनवाई के दौरान उसने आपा खो दिया और हिंसक हो गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय परिसर में हुई इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है।
प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते कर्मचारी हस्तक्षेप नहीं करते तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल मामला कोतवाली पुलिस की जांच में है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
