ग्वालियर: फूलबाग स्थित प्राचीन गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी के मोके पर भगवान राधा-कृष्ण को सैकड़ों वर्ष पुराने हीरा, पन्ना, माणिक, पुखराज और नीलम जडि़त एंटीक ज्वेलरी से संजाया संवारा गया है। इन आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 100 करोड़ रूपये से अधिक है।खास बात यह है कि जब तक भगवान इन्हें धारण करेंगे तब तक इनकी सुरक्षा में 200 से अधिक पुलिस के जवान और अधिकारी पहरा देंगे। 50 से अधिक सीसीटीवी से पुलिस 24 घंटे तक पल-पल की निगरानी रख रही है। इन एंटीक गहनों को साल भर बैंक के लॉकर में रखा जाता है। आज जन्माष्टमी की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच इन्हें निकाला गया। इसके बाद गहनों और उनमें जड़े रत्नों की गणना करने के बाद ही भगवान राधा-कृष्ण को यह पहनाये गए।
गोपाल मंदिर की स्थापना ग्वालियर रियासत के तत्कालीन शासक माधवराव सिंधिया प्रथम ने की थी। उन्होंने भगवान की पूजा के लिए चांदी के बर्तन और पहनाने के लिए रत्न जड़ित सोने के आभूषण बनवाए थे। इनमें राधा-कृष्ण के पन्ना जड़ित सात लड़ी का हार जिसमें 55 तो सिर्फ पन्ना ही जड़े हैं। सोने की बांसुरी जिस पर हीरे और माणिक लगे हैं। सोने की नथ, जंजीर और चांदी के पूजा के बर्तन हैं। हर साल जन्माष्टमी पर इन जेवरातों से राधा-कृष्ण का शृंगार किया जाता है। इस स्वरूप को देखने के लिए भक्त सालभर का इंतजार करते हैं। यही वजह है कि भक्तों का दर्शन के लिए तांता लगा रहता है। इनमें विदेशी भक्त भी शामिल रहते हैं।
थ्री लेयर सिक्योरिटी में हैं भगवान, 200 जवान तैनात
ग्वालियर के सेंटर पॉइंट फूलबाग पर यह गोपाल मंदिर है। जन्माष्टमी पर यहां करोड़ों के गहने पहने हुए भगवान की सुरक्षा में 200 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। मंदिर की चारों तरफ से किलेबंदी की गई है। हर दरवाजे पर मेटल डिटेक्टर गेट लगाए गए हैं। मंदिर के आसपास तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है।
