मुंबई, 14 अगस्त (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को सभी वाणिज्यिक बैंकों को निर्देश दिया कि वे दिव्यांग ग्राहकों के केवाईसी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के इस साल 30 अप्रैल को दिये गये आदेश का यथोचित पालन करें।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रज्ञा प्रसून एवं अन्य बनाम केंद्र सरकार और अमर जैन बनाम भारत सरकार मामलों में सुनवाई के बाद अपने आदेश में स्वीकार किया था कि बैंकिंग सेवाओं तक समान पहुँच और समावेशिता के लिए केवाईसी प्रक्रिया को दिव्यांगों के अनुकूल बनाये जाने की जरूरत है।
शीर्ष अदालत ने रिजर्व बैंक को आदेश दिया था कि वह अपने नियमन के तहत आने वाले सभी बैंकों तथा दूसरी इकाइयों को यह निर्देश दे कि वे केवाईसी के लिए भौतिक प्रक्रिया को समाप्त न करें। साथ ही डिजिटल केवाईसी के लिए अँगूठे के निशान को स्वीकार करने का भी आदेश दिया गया है। इसके अलावा आदेश में कहा गया है कि बैंक दिव्यांगों के अनुरूप डिजिटल केवाईसी प्रक्रियाएँ विकसित करने की भी शुरुआत करें।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में डिजिटल केवाईसी के लिए फोटो खींचते समय पलक झपकाने की बाध्यता समाप्त करते हुए इसका विकल्प खोजने के लिए कहा है।
