आवेदन तक सिमटा रामपुर जनपद अध्यक्ष का अविश्वास प्रस्ताव

13 में से 11 सदस्य ही उपस्थित हुए

सतना: जनपद रामपुर बाघेलान के अध्यक्ष रावेन्द्र सिंह छोटू की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट सदस्यों ने विहित प्राधिकारी कलेक्टर को आवेदन देकर उनके विरुद्ध अविश्वास व्यक्त किया थाउल्लेखनीय है कि 24 जुलाई को सामूहिक रूप से कलेक्ट्रेट पहुंचे दर्जनभर सदस्यों ने कलेक्टर डा. सतीश एस की गैरमौजूदगी में एडीएम सुधीर बेक को आवेदन सौंप जनपद अध्यक्ष के खिलाफ फ्लोर टेस्ट की मांग की थी.

आवेदन में हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों में प्रशान्त सिंह, इंदू सिंह, रामनारायण डोहर, आशा लता सिंह, गीता प्रजापति, अनीता प्रजापति, सुखीनंद चौधरी, नेहा सिंह, सतीश मिश्रा, प्रतिमा सिंह, बेला सिंह, सुलोचना सिंह और रामबाई कोल शामिल थे.बाद में प्रशासन ने बिना हस्ताक्षर तस्दीक जनपद सदस्यों की मांग पर 7 अगस्त को बैठक का समय सुनिश्चित कर सदस्यों को अपनी ताकत  दिखाने का  अवसर दिया था.

इस दौरान हस्ताक्षर करने वाले एक सदस्य ने दूसरे ही दिन आवेदन के प्रति असहमति व्यक्त करते हुए अपनी ओर से अलग से आवेदन देकर प्रस्ताव का विरोध किया था. इसके बाद जनपद के ही एक सदस्य के अचानक लापता होने का मामला भी  रामपुर थाने पहुंचा. सदस्य की  पत्नी ने थाने में स्वयं उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस बात की शिकायत की थी की उसका पति घर से कलेक्ट्रेट गया था लेकिन  लौटकर घर नहीं पहुंचा. इस दौरान मोबाइल फोन भी  बंद आ रहा है.

इसके बाद यह महसूस किया जाने लगा  था कि अध्यक्ष के विरुद्ध लाए जाने वाला अविश्वास प्रस्ताव फ्लोर टेस्ट के पहले ही खारिज हो जाएगा. गुरुवार को भारी गहमा गहमी के बीच प्रशासन की निगरानी में कार्यवाई शुरू इस दौरान जनपद कार्यालय के बाहर क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता बड़ी संख्या में उपस्थित नजर आए. हालांकि बाद में इस बात की जानकारी सार्वजनिक की गई कि प्रस्ताव के पक्ष में 25 सदस्यों की जनपद से सिर्फ 11 ही सदस्य उपस्थिति दर्ज करा पाए जबकि कोरम के लिए आवश्यक 17 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी बाद में सदस्यों की अनुपस्थित के कारण बिना मतदान के ही आवेदन को खारिज कर दिया गया. हालांकि रामपुर में दिन भर इस बात की चर्चा रही कि जनपद अध्यक्ष के पक्ष में रामपुर विधायक विक्रम सिंह हैं इस लिए उनके विरोध में प्रस्ताव जनपद में आ नहीं सकता.

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