बैरसिया। तहसील क्षेत्र के ग्राम कलारा में गुरुवार को ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गांव में सात वर्ष पूर्व पूरे हिंदू रीति-रिवाजों से गौवंश नंदिनी का विवाह नंदी से किया गया था। गुरुवार को नंदिनी के निधन की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
गांव के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जनपद सदस्य घनश्याम शर्मा ने बताया कि करीब सात साल पहले कलारा और आसपास के गांवों में सूखा पड़ा था। तब एक महात्मा ने सुझाव दिया था कि गौ माता का विवाह कराने से वर्षा होगी। ग्रामीणों ने आस्था के साथ नंदी और नंदिनी का विवाह कराया, जिसके बाद क्षेत्र में अच्छी वर्षा हुई और खुशहाली लौटी। दो वर्ष बाद नंदी का निधन हुआ था, जिनका अंतिम संस्कार भी पूरे धार्मिक रीति-रिवाज से किया गया था। अब नंदिनी के प्राण त्यागने से गांव फिर से शोकमग्न हो गया।
गौ माता नंदिनी की अंतिम यात्रा में कलारा और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। फूल-मालाओं से सजी ट्रॉली में नंदिनी की शवयात्रा पूरे गांव में निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर “गौ माता की जय” के जयघोष गूंजते रहे। महिलाओं ने साड़ी उड़ाकर भावपूर्ण विदाई दी, जबकि कई ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से मुंडन कर शोक प्रकट किया।
हर घर से लोग आंगन में निकलकर नम आंखों से गौ माता को अंतिम प्रणाम करते दिखे। कलारा की यह परंपरा गौ भक्तों के लिए प्रेरणा बन गई है, जहां आस्था और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला।
