विदिशा। जिले में सरकार और प्रशासन द्वारा नशे से दूरी है जरूरी अभियान के तहत जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिलकुल उलट नजर आ रही है.अहमदपुर रोड पर एफसीआई गोदाम के सामने, खुलेआम गांजे और शराब का कारोबार जारी है. एक नाबालिग लड़का बाइक सवार से पूछता है कितनी पुड़िया चाहिए? और 50 रुपये में देशी गांजा उपलब्ध कराता है. इस क्षेत्र में पत्थरों के कारोबारी इलाके और धार्मिक स्थलों के पास तक नशा बिक रहा है, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं.
गांवों की हालत और भी बदतर है. नटेरन के आसपास के 75 से अधिक गांवों जैसे नया गोला, सोमवारा, फूफेर, बलरामपुर, मरखेड़ा आदि में शराब की अवैध सप्लाई तस्करों द्वारा की जा रही है. ठेकेदार चारपहिया और बाइकों से शराब पहुंचाते हैं और कमीशन पर तस्कर गांवों में उसे बेचते हैं. आबकारी विभाग स्टाफ की कमी का हवाला देकर हाथ खींचे बैठा है, जबकि पुलिस की चुप्पी सवालों के घेरे में है.
शहर में आहतों को बंद करने के सरकारी निर्देशों के बाद भी कई शराब ठेकेदार बाहर से ताले लगाकर या भोजनालय-रेस्टोरेंट के नाम पर शराब पिलवा रहे हैं.खुलेआम जाम छलक रहे हैं लेकिन सिविल लाइन थाने को गांजे की बिक्री की भी जानकारी नहीं है.
इधर, पूछने पर एसपी रोहित काशवानी ने कहा है कि जिले में कहीं भी नशे का अवैध कारोबार मिला तो कठोर कार्रवाई की जाएगी.
