
भोपाल।पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उत्तराखंड आपदा और पर्यावरण संकट को लेकर केंद्र सरकार को चेताया है। उन्होंने आज अपने एक्स अकाउंट पर कहा कि उत्तरकाशी जिले के धराली और हरसिल में आई आपदा के बाद राहत कार्यों को उत्तराखंड सरकार प्रभावी ढंग से अंजाम दे रही है। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समस्या केवल राहत कार्यों से नहीं सुलझेगी।
उमा भारती ने लिखा कि यदि हिमालय, गंगा और उनकी सहायक नदियों को नुकसान पहुँचाने की प्रक्रिया जारी रही, तो देश को बड़ी सभ्यता के संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अचानक इसरो की वह रिपोर्ट कैसे गायब हो गई जिसमें पर्यावरणीय खतरों की चेतावनी दी गई थी।
उमा ने मांग की कि 2016 तक की गंगा कार्ययोजना, पर्यावरणविदों की राय और दूरदर्शन पर दिखाई गई शोध रिपोर्ट को केंद्र सरकार तत्काल लागू करे। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद प्रबंधन भले ही राज्य सरकारें करें, लेकिन आपदाओं को रोकने के लिए ठोस और कठोर निर्णय केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही ले सकते हैं।
