बदली परिस्थितियों में ‘एशिया प्रशांत’ के बजाय ‘हिन्द प्रशांत’ कहना ज्यादा सही: राष्ट्रपति मार्कोस

नई दिल्ली 05 अगस्त (वार्ता) भारत यात्रा पर आये फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक परिदृश्य की बदलती स्थिति को देखते हुए ‘ हिन्द प्रशांत’ शब्द पहले इस्तेमाल किए जाने वाले ‘एशिया-प्रशांत’ से कहीं ज्यादा सही है।
राष्ट्रपति मार्कोस ने मंगलवार को यहां औपचारिक स्वागत के बाद राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “ मुझे लगता है कि यह उस गठबंधन और साझेदारी की पुनः पुष्टि है जिसे हम मज़बूत कर रहे हैं। जिसे हम पहले एशिया-प्रशांत क्षेत्र कहते थे, उसे अब हम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र कहते हैं, जो मुझे लगता है कि राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था की वैश्विक प्रकृति के कारण उस समझ का सही विकास है।”
उन्होंने कहा, “ जो हमारे पास पहले से है उसे और आगे बढ़ाने के लिए लेकिन निश्चित रूप से उन कई अवसरों का पता लगाने के लिए जो पिछले कुछ वर्षों में नई तकनीकों और हमारे आसपास की वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति की बदलती स्थिति के कारण उत्पन्न हुए हैं।”
इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनका रस्मी स्वागत किया।

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