
सीहोर। अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में आज दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन को लेकर राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान दलहन उत्पादन बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार, किसानों की आय में वृद्धि, उन्नत तकनीक के उपयोग तथा गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मंथन हुआ।
कार्यक्रम में अनुसंधान केंद्र की अत्याधुनिक सुविधाओं का लोकार्पण किया गया तथा पल्सेस मिशन पोर्टल भी लॉन्च किया गया। साथ ही प्रगतिशील किसानों को उन्नत किस्म के बीज वितरित किए गए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश में दलहन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ठोस रणनीति तैयार करना रहा।
राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों और प्रतिनिधियों की भागीदारी भी रही। उड़ीसा से कनकवर्धन सिंह देव, पंजाब से सरदार गुरुमीत सिंह खुडियन, छत्तीसगढ़ से रामविचार नेताम, बिहार से राम कृपाल यादव, गुजरात से रमेशभाई कटारा, उत्तर प्रदेश से सूर्य प्रताप साही, हरियाणा से श्याम सिंह राणा और पश्चिम बंगाल से सोवानदेव चट्टोपाध्याय सहित कई गणमान्य अतिथि सम्मेलन में उपस्थित रहे। सम्मेलन को दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
