रांची, 11 जुलाई (वार्ता) भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और हॉकी इंडिया सिलेक्शन कमिटी की सदस्य असुंता लकड़ा ने 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला टीम के सिलेक्शन प्रोसेस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम को अंतिम रूप देने के लिए हुई बैठकों में उन्हें शामिल नहीं किया गया।
लकड़ा ने दावा किया कि इस साल मार्च के बाद सिलेक्शन कमिटी की कोई भी ऑनलाइन या ऑफलाइन बैठक उनकी भागीदारी के साथ नहीं हुई और शुक्रवार को टीम की घोषणा से पहले उनकी राय नहीं ली गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खिलाड़ियों के सिलेक्शन पर सवाल नहीं उठा रही हैं – जिनमें झारखंड की चार खिलाड़ी भी शामिल हैं – बल्कि टीम को अंतिम रूप देने के लिए अपनाए गए तरीके पर सवाल उठा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिलेक्शन कमिटी के सदस्य को प्रोसेस से बाहर रखने से पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
आरोपों को खारिज करते हुए हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी भोलानाथ सिंह ने कहा कि सिलेक्शन प्रोसेस तय नियमों के अनुसार किया गया था। उन्होंने लकड़ा के आरोपों को “बेबुनियाद” बताया और कहा कि हॉकी इंडिया ने हमेशा उनका सम्मान और समर्थन किया है।
लकड़ा ने पहले आरोप लगाया था कि महिला हॉकी से जुड़े मुद्दों को उठाने के बाद उन्हें धमकी दी गई थी और उन्होंने झारखंड सरकार तथा हॉकी इंडिया को शिकायतें सौंपी थीं। सिंह ने उन आरोपों से इनकार किया है और उन्हें अपनी छवि खराब करने की कोशिश का हिस्सा बताया है।
अब तक किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।
