जबलपुर: रेलवे भर्ती में बड़ा फर्जी फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। धोखाधड़ी के साथ गड़बड़झाला करने के साथ नौकरी पाने वाले समेत अन्य के खिलाफ जबलपुर सीबीआई ने धोखाधड़ी, समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में उजागर हुआ है कि परीक्षा और मेडिकल किसी और दिया है और नौकरी बिहार के युवक को मिली थी।सूत्रों के मुताबिक पमरे ने वर्ष 2024 में टेक्निशियन ग्रेड थ्री ट्रैक मशीन पद के लिए परीक्षा आयोजित की।
इस परीक्षा में 92 अभ्यार्थियों का चयन हुआ। जिसमेें जबलपुर डिवीजन में मुकेश कुमार पिता नरेश मंडल नामक उम्मीदवार के बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान पता चला कि वह वर्तमान में आईआरटीएमटीसी, पीआरवाईजी में प्रशिक्षण ले रहा था। 10 नवम्बर 2025 से आगे) और यह 14 नवम्बर 2025 को ईसीए द्वारा उम्मीदवार के बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से स्थापित किया गया था और उम्मीदवार से बयान दर्ज करने के दौरान भी पुष्टि हुई थी कि कोई और व्यक्ति उसकी और से सीबीटी, डीवी और मेडिकल परीक्षा में उपस्थित हुआ था। मुकेश कुमार को 14 नवम्बर 2025 से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। तकनीशियन ग्रेड 1 और तकनीशियन ग्रेड के पदों के लिए उम्मीदवारों का ब्लॉमेट्रिक सत्यापन परीक्षा संचालन एजेंसी द्वारा किया गया था।
ऐसे उजागर हुआ फर्जीवाड़ा
मुकेश की नियुक्ति के बाद आईआरटीएमटीसी, पीआरवाईजी में 10 नवम्बर 2025 को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। 14 नवम्बर को चयनित उम्मीदवारों का दोबारा बायोमैट्रिक सत्यापन किया गया था। परीक्षा के समय के बायोमैट्रिक और फोटो से मुकेश के बयोमैटिक और फोटो मेल नहीं खा रही थी। इसके बाद जांच पड़ताल हुई तो फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
और कौन-कौन शामिल
सीबीआई ने मुकेश कुमार पिता नरेश मंडल निवासी रो- ग्राम- लोंचा-पाटम, पोस्ट-पाटम, मुंगेर बिहार और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है ।साथ ही इस फर्जीवाड़ा में और कौन-कौन शामिल है इसका भी पता लगाया जा रहा है। साथ ही मुकेश के स्थान पर किसने परीक्षा दी इसका भी पता लगाया जा रहा है।
