सतना: वर्षा ऋतु जहां हरियाली और ठंडक लेकर आती है, वहीं यह बीमारियों का भी खतरा बढ़ा देती है। दूषित जल और अस्वच्छता के कारण टाइफाइड, पीलिया, डायरिया, पेचिश और हैजा जैसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है।
एपिडेमोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप गौतम ने बताया कि बरसात में सुरक्षित पेयजल का उपयोग सबसे जरूरी है। खुले कुओं का पानी ब्लीचिंग पाउडर से विसंक्रमित करें और भंडारण में क्लोरीन की गोलियों का प्रयोग स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह से करें। पानी को ढककर रखें और उबालकर ही पिएं।खान-पान को लेकर डॉ. गौतम ने बासी भोजन से बचने और भोजन को ढककर रखने की सलाह दी। कटे-सड़े फल न खरीदें, साफ पानी से धुली सब्जियां-फल ही खाएं। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज और स्वच्छता ही बचाव का उपाय है।
