रीवा:नगर पालिक निगम रीवा क्षेत्रांतर्गत टैम्पो टैक्सी एवं व्यावसायिक वाहनों से संविदाकार द्वारा अवैध वसूली किए जाने का मामला आने के बाद उपायुक्त राजस्व द्वारा संविदाकार के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने तीन थाना प्रभारी को पत्र लिखा गया है. उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी अवैध वसूली का मामला सामने आने पर पत्र लिखा गया था लेकिन कोई भी प्रकरण दर्ज नही किया गया. जिसके चलते ठेकेदार के गुर्गे लगातार अवैध वसूली करते चले आ रहे है.
नगर निगम सीमा क्षेत्र में टैम्पो-टैक्सी एवं व्यावसायिक वाहनों से व्यवसाय शुल्क हेतु मेमर्स एसडी ग्रुप्स एण्ड एजेन्सी, प्रो0 शुभम कुमार द्विवेदी पिता सुरेश द्विवेदी, 23/09 बड़ी दरगाह के पास अमहिया की निविदा स्वीकृत की गई थी एवं संविदाकार को 12 माह के लिए निगम द्वारा निर्धारित शर्तो के तहत वसूली हेतु अधिकृत किया गया था. अनुबंध अनुसार वसूली की दरें टैम्पों टैक्सी से रू. 5 प्रतिदिन, व्यावसायिक वाहन जिनमें मिनी ट्रक टैक्टर से (सब्जी एवं अनाज के टैक्टर शुल्क मुक्त) रू. 10 प्रतिदिन, व्यावसायिक वाहन ट्रक आदि बड़ी गाडिय़ो से रू. 20 प्रतिदिन निर्धारित है.
टैम्पो टैक्सी स्टैण्ड फीस एवं व्यावसायिक वाहनो से व्यवसाय शुल्क वसूली हेतु परिषद द्वारा चोरहटा निपनिया, सिरमौर चौराहा, पुराना बस स्टैण्ड, ढेकहा तिराहा, नया बस स्टैण्ड, धोबिया टंकी, हॉस्पिटल तिराहा, कुठुलिया एवं रतहरा बाईपास के पास स्थान निर्धारित किये गये है निर्धारित स्थान से सवारी ढोने वाले टैम्पो टैक्सी तथा व्यावसायिक वाहनों से शुल्क लेने की अनुमति है. किन्तु बीच रास्ते चलते वाहन को रोककर एवं निर्धारित स्थलों के अलावा अन्य स्थलों पर किसी प्रकार के वाहनों से शुल्क वसूली का कोई प्रावधान नही है.
संविदाकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक दर रू. 100 एवं रू. 200 की फर्जी रसीदे छपवाकर वसूली की जा रही है जिसमें क्रमांक भी अंकित नही है व्यावसायिक वाहनों से दिन रात चोरहटा, रिंगरोड़ रतहरा, महाजन टोला, बड़ी पुल, खन्ना चौराहा एवं अन्य स्थानों से चलते वाहनों से अवैध वसूली की जा रही है पूर्व मे भी ऐसी शिकायते प्राप्त हुई है. अनुबंध की शर्तो का लगातार उल्लंघन किया जाकर पूरे शहर में नगर पालिक निगम रीवा की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है तथा अपराधिक कृत्य किया जा रहा है. लगातार अवैध वसूली के कारण शहर के तीन थानों जिनमें चोरहटा, समान एवं अमहिया में संविदाकार के विरूद्ध प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु उपायुक्त राजस्व नगर पालिक निगम ने पत्र लिखा है
