
दमोह। नगर पालिका में बुधवार दोपहर 13 महीने बाद विशेष बैठक का आयोजन किया गया.हालांकि यह बैठक ज्यादा हंगामेदार नहीं रही. 11 प्रस्तावों पर बैठक में अध्यक्ष और पार्षदों के बीच चर्चा हुई.जिसमें से 8 प्रस्ताव पारित हो गए और तीन पर सहमति नहीं बनी.जिसमें सबसे प्रमुख मुद्दा स्लॉटर हाउस का था. जिसे पूर्णता निरस्त कर दिया गया है. बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष मंजू राय, उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा विक्रम सिंह ठाकुर,नेता प्रतिपक्ष विजय जैन, सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी, के अलावा सभी वार्ड के पार्षदों की मौजूदगी रही. बैठक की शुरुआत में जब चर्चा के लिए बिंदु रखे गए तो एक, दो पार्षदों के द्वारा इन बिंदुओं पर विरोध जताया गया. लेकिन बाद के सभी प्रस्तावों पर सहमति बनती चली गई. बैठक में नई पानी की टंकी और शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए दो स्वागत गेट बनाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ है. नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी ने बताया की परिषद की बैठक में 11 बिंदु रखे गए थे. जिनमें तीन पर सहमति नहीं बनी और आठ बिंदुओं पर सहमति बनी है.जिन बिंदुओं पर सहमति नहीं बनी उनमें पीएम आवास योजना के एचपी घटक की पुरानी फर्म की निविदा को निरस्त करके नई निविदा जारी करने और जो भवन बने हुए हैं. उनको ऑप्शन प्रणाली के तहत देने पर विचार विमर्श हुआ है. कचरा संग्रहण के लिए नगर पालिका द्वारा 4 करोड़ 82 लाख रुपए की राशि का टेंडर जारी करना था. इस पर भी सहमति नहीं बनी. साथ ही तीसरा बिंदु की दमोह नगर में कहीं भी स्लॉटर हाउस नहीं खोला जाएगा. सभी पार्षदों की सहमति लेने के बाद इस आदेश को भी निरस्त किया गया है.इसके अलावा आठ बिंदुओं पर सहमति बनी है.वर्तमान में दमोह शहर में जल संकट के हालात बने हुए हैं.जिसे देखते हुए नया बाजार चार और बजरिया 5 में नई पानी की टंकी बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. इसके अलावा जहां पर पानी की अधिक समस्या है वहां पर टैंकर से पानी सप्लाई किया जाएगा. सीएमओ ने बताया कि जुझार घाट और राजनगर जलाशय में बिजली आपूर्ति बाधित होने से सप्लाई नहीं हो पाई.इसलिए दो-दो दिन के अंतर से नल खोले गए. यदि बिजली बराबर मिलती है तो एक दिन के अंतराल से शहर वासियों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने बताया की 13 महीने के बाद यह विशेष बैठक आयोजित की गई है.फरवरी 2025 में कानून व्यवस्था भंग होने के कारण तत्कालीन कलेक्टर ने इस बैठक को निलंबित कर दिया था. इस आदेश को राज्य शासन ने निरस्त कर दिया है और उसके बाद 29 अप्रैल को नगरपालिका में विशेष बैठक आयोजित करने की तिथि निर्धारित हुई थी. बुधवार दोपहर यह विशेष बैठक नगर पालिका के मीटिंग कक्ष में आयोजित की गई. जिसमें आठ बिंदुओं पर सभी पार्षदों की सहमति बनी है.जिन बिंदुओं पर सहमति बनी है, उन पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे.
पार्षदों के आरोप
हालांकि कुछ पार्षदों ने आरोप भी लगाया की बैठक में उनकी बात को नहीं सुना गया और बैठक जल्दी खत्म कर दी गई.मागंज वार्ड पांच के पार्षद प्रतिनिधि कृष्णा तिवारी ने बताया कि उनके वार्ड में पानी की भीषण समस्या है. उन्होंने समस्या को रखा था लेकिन इसे नहीं सुना गया. बजरिया 8 की पार्षद हिना खान ने भी कहा कि उनके यहां नाली निर्माण नहीं है सड़कों की कोई व्यवस्था नहीं है पानी की भी समस्या है. उन्होंने उन्होंने इन बिंदुओं को बैठक में रखा था, लेकिन बैठक में उनके किसी भी बिंदु को गंभीरता से नहीं सुना गया. इसी तरह मोनू राजपूत ने भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा बैठक में जो मुद्दे रखे गए थे, उस पर कोई चर्चा सीएमओ और अध्यक्ष के द्वारा नहीं की गई.
