
सिंगरौली। जिला पंचायत के सभागार में हुई सामान्य सभा की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बंद कमरे में आयोजित इस बैठक में महिला बाल विकास, नल-जल योजना, और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत जैसे मुद्दों पर तीखी बहस हुई। सदस्यों ने इन विभागों में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
बैठक में कृषि विभाग पर किसानों को घटिया और गीली खाद-बीज देने के आरोप लगे, वहीं विद्युत विभाग पर खराब ट्रांसफार्मर की अनदेखी का मुद्दा उठा। शिक्षा विभाग में करोड़ों की खरीदी पर सवाल-जवाब हुआ। आजीविका मिशन में कौशल विकास के नाम पर हुए कथित घोटाले की बात भी उठाई गई।
जनपद अध्यक्ष देवसर और एक जिला पंचायत सदस्य के बीच नोकझोंक उस समय बढ़ गई जब विद्युत विभाग पर सवाल उठा। अध्यक्ष ने सदस्य को हवाहवाई बातों से बचने की नसीहत दी।
बैठक बंद कमरे में होने पर भी सवाल उठे, जिसे भ्रष्टाचार छुपाने की कोशिश बताया गया। सदस्यों ने जनता से जुड़ी योजनाओं के ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन न होने पर नाराज़गी जताई।
