इंदौर: शहर में विकास तो हो रहा है लेकिन जिस कार्य को एक महीने में पूरा हो जाना चाहिए उसी कार्य में पांच-छः महीने क्यों लग जाते हैं यह बड़ा सवाल है, लेकिन आज तक कोई भी अधिकारी इस लेटलतीफी का कारण नहीं बता पाया. गतिहीन कार्य के चलते आम लोगों को कई परेशानियों का समाना करना पड़ता है. मामला पलासिया और अनूप नगर के पीछे श्रीनगर कांकड़ क्षेत्र है जो कि वार्ड क्रमांक 43 में आता है.
क्षेत्र में कुछ ऐसी गलियां भी है जहां सीवरेज की लाईन की समस्या बनी हुई थी. कई वर्षो बाद चार महीने पहले नगर निगम द्वारा सुपारी वाली गली में सीवरेज लाइन के कार्य को पूरा किया लेकिन सीवरेज के लिए खोदी गई सड़क को पूरी तरह से अधूरे में ही छोड़ दिया गया. अब बरसात में लोगों की फजीहतें हो गई है. इस क्षेत्र में जहां-जहां कार्य किया गया पूरे स्थान पर छोटे-बड़े नुकीले पत्थर बिखरे पड़े हैं.
कहीं फिसलन मिट्टी तो कही गढ्ढे और उसमें भरा पानी, यहां बस रहवासियों के लिए मुसीबत बनी हुई है. जो कार्य गर्मियों के मौसम में शुरू किया गया अगर उसे एक-दो महीने में ही पूरा कर दिया होता तो लोगों को बड़ी राहत मिल जाती. हमेशा अधिकारी या तो बात को टालते हैं या फिर ठेकेदार पर पूरा मामला ढोल देते हैं. वही ठेकेदार भी अपनी दूसरी मजबूरी बता कर नगर निगम अधिकारियों पर बात डाल देता है.
इनका कहना है
बरसात से कीचड़ फैला है, पत्थर गढ्ढे इतने है कि आने-जाने में बहुत परेशानी होती है. चलते नहीं बनता है. लोग फिसल जाते हैं. कुछ बुजुर्ग तो गिर भी गए जिन्हें चोटें आई है.
– बरकत बी
एक महीने में कार्य पूरा करने का बोला था लेकिन अभी दो महीने से तो काम बंद है. बीमारों के लिए रिक्शा, एम्बुलेंस तक अंदर नहीं आती. कचरा गाड़ी भी अंदर नहीं आ रही.
– राजेश सलोटिया
पानी की समस्या दूर हो गई. अब सड़क का कार्य बचा हुआ है जो सभी के लिए मुसीबत बना हुआ है. बताते है कि बरसात बाद काम शुरू करेंगे. इसे गर्मी में ही पूरा कर देते.
– साबिर खान
जल्दी कार्य करवाने की कोशिश करेंगे
विगत बीस वर्षों से पानी की समस्या का निराकरण किया गया. सीवरेज लाइन नई डाल दी गई है. सीमेंट कंक्रीट का प्रोसीजर निगम का रहता है. हालांकि मैंने प्रपोज़ल बना कर पहुंचाया है जल्दी कार्य करवानी कोशिश करूंगी.
– सुनीता सोनगरा, पार्षद
