नयी दिल्ली, 29 जुलाई (वार्ता)। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह 31 जुलाई से शुरू होने वाला सीरीज का अंतिम टेस्ट अगर नहीं खेलते हैं तो ऐसी स्थिति में बुमराह की जगह कुलदीप यादव को मौका मिलना चाहिए क्योंकि बुमराह की अनुपस्थिति में भारत को एक ऐसे गेंदबाज़ी आक्रमण की ज़रूरत होगी जो 20 विकेट ले सके।
ईएसपीएनक्रिकइंफो मैच डे हिंदी पर मांजरेकर ने कहा, ”भारत को एक ऐसे गेंदबाज़ी आक्रमण की ज़रूरत है जो 20 विकेट ले सके। अगर बुमराह नहीं खेलते हैं तो ऐसी स्थिति में कुलदीप यादव को नहीं खेलाना मेरे विचार में ज्यादती होगी। जहां तक बल्लेबाजी की बात है तो इस पहलू पर भारत को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि (रवींद्र) जडेजा भी इस समय लय में हैं।”
मांजरेकर ने यह भी कहा कि इस सीरीज में रणनीति अब तक भारत के काम नहीं आई है और यह जरूरी है कि टीम के सीनियर खिलाड़ी मिलकर भारतीय टीम की रणनीति पर नए सिरे से विचार करें।
मांजरेकर ने कहा, ”मुझे एक ही डर लग रहा है चूंकि भारत भले मैनचेस्टर में जीता नहीं लेकिन परिणाम ड्रा के रूप में भारत के पक्ष में आया इसलिए यह लगेगा कि भारत जीता नहीं लेकिन उनकी रणनीति इतनी भी बुरी नहीं थी क्योंकि यह मैच हम नहीं हारे। लेकिन मैं समझता हूं भारत जिस तरह से इंग्लैंड के खिलाफ खेल रहा है और इस स्तर तक पहुंचा है वो तब है जब रणनीति भारत के काम नहीं आई है। रणनीति ने भारत के लिए काम और मुश्किल किया है। इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि शुभमन गिल और दो तीन अन्य सीनियर खिलाड़ियों को मिलकर एक समूह के रूप में टीम की रणनीति तैयार करनी चाहिए क्योंकि भारत को एक ऐसे गेंदबाजीआक्रमण की ज़रूरत है जो 20 विकेट ले सके।”
मैनचेस्टर टेस्ट में जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर दोनों की नाबाद शतकीय पारियों ने भारत के लिए मैच बचाने में अहम भूमिका निभाई। मांजरेकर ने जडेजा की तारीफ करने के साथ ही यह भी कहा कि आगे चलकर वॉशिंगटन खुद को एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर स्थापित कर लेंगे।
मांजरेकर ने कहा, ”उन्होंने (वॉशिंगटन) पहले भी अपनी बल्लेबाज़ी क्षमता का प्रदर्शन किया था, विदेशी परिस्थितियों में हम तीन चार बार उन्हें अच्छा प्रदर्शन करते हुए देख चुके थे। लेकिन इस बार लगता है कि जिस तरह से उनकी बल्लेबाजी में लगातार प्रगति हो रही है तो आहिस्ते आहिस्ते हम उन्हें एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर देखने लगेंगे।”
जडेजा ने पिछली छह पारियों में पांच बार 50 के स्कोर को पार किया। सर गारफील्ड सोबर्स इकलौते ऐसे बल्लेबाज थे जिन्होंने इंग्लैंड में नंबर छह या उसके नीचे खेलते हुए पांच बार 50 से अधिक का स्कोर बनाया हो। जडेजा ने अब तक इस सीरीज में कुल आठ पारियों में 113.50 की औसत से 454 रन बनाए हैं।
मांजरेकर ने कहा, ”बतौर बल्लेबाज जडेजा के मानसिक पहलू की भी प्रशंसा बनती है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। इसके लिए एक गहरे अध्ययन की ज़रूरत है जिस तरह से वह मैच दर मैच बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। जैसे हम राहुल द्रविड़ को 2011 में देखते थे कि वह अकेले आकर लड़ते थे। एक शतक के बाद दूसरा, तीसरा… जडेजा इस सीरीज में आपके सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में से एक हैं जो कि एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। समय बिताना और विपक्षी टीम को हताश करने में इन्हें मजा आता है जो कि हमने पिछले टेस्ट मैच में भी देखा।”

